
Mohan Yadav - सीएम डॉ. मोहन यादव गुरुवार को दिल्ली में थे। दतिया उप चुनाव में भाजपा की हार के बाद सीएम का यह पहला दिल्ली दौरा था। सीएम मोहन यादव ने कई केंद्रीय मंत्रियों सहित राष्ट्रीय नेतृत्व से मुलाकात की। वे बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से भी मिले। सीएम मोहन यादव ने बीजेपी हेडक्वार्टर में संगठन महामंत्री बीएल संतोष से मुलाकात की जिसे सबसे अहम माना जा रहा है। अब दतिया पर बड़ी कार्रवाई की अटकलें तेज हो गई हैं।
मप्र से लेकर दिल्ली तक सियासी गलियारों में सीएम मोहन यादव के दिल्ली दौरे और मेल-मुलाकात को लेकर कई कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि उनका दौरा पहले से तय था। सीएम मोहन यादव ने दिल्ली में ऊर्जा सम्मेलन में सहभागिता की। इस कार्यक्रम के पहले और बाद में वे अनेक केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेताओं से मिले।
माना जा रहा है कि सीएम मोहन यादव ने हार के कारणों को लेकर सत्ता-संगठन को रिपोर्ट दी है। संगठन नेताओं से मुलाकात से दतिया पर सख्त एक्शन की बात पुन: उठने लगी हैं। एमपी बीजेपी को राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा उठाए जाने वाले अगले कदम का इंतजार है।
पार्टी ने दतिया उपचुनाव के भितरघातियों को किसी भी हाल में नहीं बख्शने की बात कही है। बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने शुरु से ही यह स्पष्ट कर दिया था कि अनुशासन सर्वोपरि है। दतिया में हार की समीक्षा बैठक में बीजेपी ने दो सदस्यीय समिति का गठन किया जिसकी रिपोर्ट के आधार बड़ा एक्शन लेते हुए दतिया का पूरा जिला संगठन भंग कर दिया गया था।
दिल्ली के दौरे के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की। वे केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटील से भी मिले। सीएम मोहन यादव ने बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन और अन्य केंद्रीय मंत्रियों से भी भेंट की। सभी नेताओं से अपनी मुलाकातों की तस्वीरें एक्स पर साझा भी कीं।
समिति की रिपोर्ट पार्टी हाईकमान को भी भेजी गई है। भितरघातियों पर अब दिल्ली से एक्शन होगा। वहां से नए फरमान का इंतजार किया जा रहा है। दिल्ली में भाजपा मुख्यालय में सीएम मोहन यादव की बीएल संतोष के साथ हुई बैठक को सबसे महत्वपूर्ण बताया जा रहा है।
दतिया में विधानसभा के लिए उपचुनाव में 30 जुलाई को मतदान हुआ था। 3 अगस्त को परिणाम आए जिसमें कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को 6016 वोटों से हरा दिया। इस हार के बाद से ही बीजेपी में खलबली मची है।