भोपाल

कॉलेज के अध्यक्ष बनने के बाद ही चमकी सीएम मोहन यादव की पॉलिटिक्स

cm mohan yadav politics एमपी में 9 साल बाद छात्रसंघ चुनाव: एबीवीपी और एनएसयूआई संगठन हुए सक्रिय, कई बड़े नेताओं ने छात्रनीति से की शुरुआत
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Aug 10, 2026
सीएम मोहन यादव
सीएम मोहन यादव- image mp jansampark

cm mohan yadav मध्यप्रदेश में छात्रसंघ चुनाव की आहट ने कॉलेज परिसरों की राजनीति को फिर गरमा दिया है। प्रदेश में करीब 9 साल बाद ये चुनाव होंगे। एमपी में दो प्रमुख छात्र संगठन हैं- एबीवीपी और एनएसयूआई। दोनों के ही प्रतिनिधि सक्रिय हो गए हैं। जेन-जी पहली बार इन चुनावों से रूबरू होगी। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020' के अनुरूप छात्रसंघ चुनाव के लिए मंथन किया जा रहा है। खास बात यह है कि एमपी के अनेक दिग्गज नेता, छात्र राजनीति के माध्यम से ही ऊपर उठे हैं। सीएम मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री शिवराजसिंह चौहान जैसे बड़े नेता अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े और छात्र राजनीति में सक्रिय रहे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की राजनीति तो कॉलेज छात्र संघ के अध्यक्ष बनने के बाद ही चमकी।

छात्र संघ चुनावों लेकर कॉलेज से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक छात्र राजनीति में हलचल बढ गई है। चुनाव को लेकर दोनों प्रमुख छात्र संगठन - एबीवीपी और एनएसयूआई के ​कार्यकर्ता कॉलेजों में पहुंचने लगे हैं। स्टूडेंट से लगातार चर्चा कर रहे हैं। हालांकि चुनाव की वास्तविक प्रक्रिया, यह प्रत्यक्ष होगा या अप्रत्यक्ष, विश्वविद्यालय स्तर पर किस तरह प्रतिनिधित्व तय होगा, इसका अंतिम स्वरूप अभी स्पष्ट नहीं हुआ है।

जेन-जी के लिए यह सिर्फ पहला छात्रसंघ चुनाव नहीं होगा बल्कि उन्हें छात्र राजनीति की परंपरा से जुडऩे का मौका भी उपलब्ध कराएगा। पुराने दौर में छात्रसंघ चुनाव का प्रारंभिक चरण कक्षा स्तर पर कक्षा प्रतिनिधि यानि सीआर के चयन से शुरु होता था। ये कॉलेज के छात्रसंघ के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और सहसचिव चुनते थे। इससे पहले प्रदेश में महाविद्यालयों में प्रत्यक्ष चुनाव होते थे। सभी छात्र अपने अपने
कॉलेजों के अध्यक्ष, उपाध्यक्षों आदि को सीधे चुनते थे।

मध्यप्रदेश के कई प्रमुख नेताओं ने छात्र राजनीति से अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत की। उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) या एनएसयूआई जैसे छात्र संगठनों से जुड़कर संगठन कौशल और नेतृत्व क्षमता सीखी। ।

डॉ. मोहन यादव बने कॉलेज छात्र संघ के अध्यक्ष

सीएम मोहन यादव ने उज्जैन के माधव विज्ञान महाविद्यालय से ही अपनी छात्र राजनीति की शुरुआत की। वे सन 1982 में कॉलेज के छात्र संघ के सह-सचिव चुने गए थे। दो साल बाद मोहन यादव 1984 में कॉलेज छात्र संघ के अध्यक्ष बने और इसके बाद पीछे मुडकर नहीं देखा। उन्होंने ABVP उज्जैन के नगर मंत्री का दायित्व निभाया। बाद में मोहन यादव को एबीवीपी का राष्ट्रीय सचिव बनाया गया। उन्होंने सन 1990 से 1992 तक यह दायित्व निभाया।

मॉडल स्कूल छात्र संघ के अध्यक्ष बने थे शिवराज सिंह चौहान

पूर्व सीएम और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी छात्र राजनीति से उठे। वे सन 1975 में मॉडल स्कूल छात्र संघ के अध्यक्ष चुने गए थे। शिवराजसिंह चौहान को उसी साल अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) का मध्यप्रदेश का संयुक्त मंत्री बना दिया गया था। दो साल बाद 1977 में उन्हें एबीवीपी के संगठन मंत्री का दायित्व दिया और 1980 में राज्य महामंत्री बनाया।

Updated on:
10 Aug 2026 01:36 pm
Published on:
10 Aug 2026 01:35 pm