
Twisha Sharma- ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के केस में खुलासों का सिलसिला थम नहीं रहा है। पीड़ित पक्ष के वकील अंकुर पांडे ने दावा किया है कि ट्विशा शर्मा के जिन मोबाइल-लैपटॉप में कई राज दर्ज हैं, उनको नियमानुसार सील ही नहीं किया गया था। इससे हेराफेरी की आशंका बढ़ गई है। इधर ट्विशा केस में आरोपियों को घटना के बाद से ही वीआईपी ट्रीटमेंट देने की बातें कहीं जा रहीं हैं। यहां तक कि आरोपी होने के बाद भी समर्थ सिंह को कोर्ट में एसी में बैठाने की बात सामने आई। इस पर ट्विशा Twisha Sharma के पिता नवनिधि शर्मा ने गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट को भी शिकायत कर दी है।
ट्विशा शर्मा केस में आज एक और अहम दिन है। मंगलवार को आरोपी पति समर्थ सिंह और सास पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह की न्यायिक हिरासत की अवधि खत्म हो रही है। ऐसे में उन्हें आज पुन: कोर्ट में पेश किया जाएगा। कहा जा रहा है कि कुछ बयानों की तस्दीक करने के सिलसिले में सीबीआई दोनों आरोपियों को दोबारा रिमांड पर ले सकती है।
इधर आरोपियों समर्थ सिंह और सास पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह को वीआईपी ट्रीटमेंट देने की बातें सामने आई हैं। इसपर सुप्रीम कोर्ट में शिकायत की गई है। ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा और उनके अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने 22 मई को जबलपुर जिला एवं सत्र न्यायालय में हुई घटना और ट्विशा मौत में जांच प्रकिया को लेकर यह शिकायत भेजी है। परिजन शुरु से ही ससुरालवालों पर अपने रसूख का बेजा इस्तेमाल करने का आरोप लगा रहे हैं।
ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा और उनके अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने मुख्य न्यायाधीश, सुप्रीम कोर्ट के अलावा मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, रजिस्ट्रार जनरल को भी शिकायत की है। इसमें न्यायाधीशों को बताया कि ट्विशा का पति समर्थ सिंह वारदात के तुरंत बाद फरार हो गया था।पुलिस ने उसकी अरेस्टिंग पर 30 हजार का इनाम घोषित कर दिया था। इसके बावजूद वह न केवल जबलपुर सुरक्षित तरीके से पहुंच गया, बल्कि क्षेत्राधिकार नहीं होने के बाद सरेंडर करने भीड़ के साथ कोर्ट परिसर पहुंचा।
नवनिधि शर्मा और अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव के अनुसार आरोपी होने के बावजूद समर्थ सिंह को जबलपुर में कोर्ट रूम में घंटों सुरक्षित बैठने की इजाजत दी गई। जब अधिवक्ता अनुराग ने इसका विरोध किया तो उनके साथ धक्का- मुक्की करते हुए बाकायदा धमकी भी दी गई।
आरोपी समर्थ सिंह को यहां एसी रूम में बैठाया गया था। नवनिधि शर्मा और अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा है कि जज की गैरमौजूदगी में भी एक आरोपी के लिए वातानुकूलित सुविधाएं दी गईं। दोनों ने इस घटनाक्रम की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।