
Shivrajsingh Vs Dharmendra singh : मध्यप्रदेश में कांग्रेस करीब ढाई दशक से सत्ता से बाहर है। 15 माह की कमलनाथ सरकार को छोड़कर पार्टी लगातार विपक्ष में ही है। पिछले विधानसभा चुनावों में जहां कांग्रेस को करारी हार मिली वहीं लोकसभा की भी एक भी सीट नहीं जीत सकी थी। पार्टी मानो अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही है। इसी तारतम्य में शुक्रवार को कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने जबलपुर संभाग और नर्मदापुरम संभाग की अलग अलग बैठकें लेकर पार्टी की स्थिति की समीक्षा की। इधर धर्मेंद्र सिंह चौहान को एक बार पुन: मध्य प्रदेश किसान कांग्रेस की कमान सौंप दी गई। उनकी नियुक्ति को पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान की काट के रूप में देखा जा रहा है।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आज जबलपुर संभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने संभाग के सभी जिला अध्यक्षों, जिला प्रभारी एवं विधानसभा प्रभारियों से बातचीत कर हालात जाने। सांगठनिक गतिविधियों की समीक्षा और आगामी रूपरेखा तैयार करने के मुख्य उद्देश्य के लिए बुलाई गई इस बैठक में संगठन महामंत्री संजय कामले, प्रदेश महासचिव गौरव रघुवंशी के साथ अनेक वरिष्ठ नेता भी उपस्थित थे।
इससे पहले प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय "इंदिरा भवन" में नर्मदापुरम संभाग की भी महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने पार्टी की स्थिति की समीक्षा की। बैठक में संभाग के सभी जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी, विधानसभा प्रभारी और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने अनेक उपयोगी सुझाव दिए।
प्रदेश कांग्रेस में एक बड़ी नियुक्ति भी हुई। एमपी किसान कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष पद पर धर्मेंद्र सिंह चौहान को दोबारा नियुक्त किया गया। एआईसीसी के महासचिव के वेणुगोपाल द्वारा इस संबंध में पत्र जारी किया गया।
किसान कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष बनाए गए धर्मेंद्र सिंह चौहान, बुदनी विधानसभा क्षेत्र के हैैं और जिला पंचायत अध्यक्ष भी रह चुके हैं। कांग्रेस, बीजेपी के दिग्गज नेता शिवराजसिंह चौहान के गढ़ में सेंध लगाने के लिए बेताब है । इसलिए धर्मेंद्रसिंह चौहान को अहम जिम्मेदारी दी गई है। बता दें कि शिवराज सिंह बुधनी विधानसभा से कई चुनाव जीत चुके हैं और उनके संसदीय क्षेत्र में भी यह इलाका आता है। शिवराजसिंह चौहान की काट के लिए उन्हीं के प्रभाव क्षेत्र के धर्मेंद्र सिंह चौहान को एमपी किसान कांग्रेस का दूसरी बार अध्यक्ष नियुक्त किया है।