भोपाल

शराबबंदी मामला : लक्षमण सिंह ने किया उमा भारती का समर्थन, कहा- लट्ठ लेकर चलूंगा साथ

कांग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह ने कहा कि, 'शराबबंदी' के जरिये असफलताओं से ध्यान हटाया जा रहा है। इसके बजाय भूमाफियाओं के विरूद्ध मोर्चा खोलें, तो मैं खुद लट्ठ लेकर उनके साथ चलूंगा।

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शराबबंदी मामला : लक्षमण सिंह ने किया उमा भारती का समर्थन, कहा- लट्ठ लेकर चलूंगा साथ

भोपाल. मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा उम्मीदवार का नामचयनित होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती द्वारा की गई शराबबंदी की घोषणा ने सूबे के सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। उमा भारती द्वारा किये गए दावे के अनुसार, आगामी 15 जनवरी 2022 तक वो मध्य प्रदेश में शराबबंदी करवा कर रहेंगी। यही नहीं उन्होंने ये भी कहा कि, अगर इसके बाद भी लोगों ने उनकी नहीं मानी, तो फिर वो शराब बंदी के खिलाफ सड़क पर उतरेंगी। उमा के इस बयान के बाद बीजेपी में हलचल तेज हो गई है। साथ ही, विपक्ष का समर्थन भी उन्हें मिल रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भाई और कांग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह ने कहा है कि, 'शराबबंदी' के जरिये असफलताओं से ध्यान हटाया जा रहा है। इसके बजाय भूमाफियाओं के विरूद्ध मोर्चा खोलें, तो मैं खुद लट्ठ लेकर उनके साथ चलूंगा।


हमेशा बयानों से अकसर अपनी पार्टी पर ही हमला कर देने वाले कांग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह एक बार फिर अपने एक ट्वीट के कारण सुर्खियों में आ गए हैं। उन्होंने ट्वाट करते हुए लिखा कि, 'शराबबंदी' पर राजनीति फिर शुरू हो गई है। लोगों का असफलताओं से ध्यान हटाने वाली! अच्छा होगा अगर नेतागण भू-माफिया के विरुद्ध मोर्चा खोलें। मैं लट्ठ लेकर आपके साथ चलने को तैयार हूं और लाखों गरीब भी साथ हो जाएंगे।क्या आप तैयार हैं? यह पहला मौका नहीं है जब कांग्रेस विधायक ने बीजेपी को सपोर्ट किया हो, इसके पहले भी वे कई बार भाजपा नेताओं और सरकार के फैसलों का खुलकर समर्थन कर चुके है।

उमा भारती का दावा- इस बार करके रहूंगी 'शराबबंदी'

आपको बता दें कि, शनिवार को मीडिया बातचीत के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कहा कि शिवराजजी और वीडी शर्माजी का मानना है कि, जागरूकता अभियान के जरिये शराबबंदी की जा सकती है। लेकिन, मेरा मानना है कि, इसे बिना लट्ठ के नहीं किया जा सकता। मैं 15 जनवरी तक लोकतंत्र का पालन करूंगी। शराबबंदी के लिए जागरूकता अभियान से काम चलाऊंगी। यदि फिर भी लोग नहीं माने तो फिर सड़क पर उतरूंगी। मैं अभी गंगाजी को गंगा सागर छोड़कर आऊंगी, तब तक मध्य प्रदेश में जागरुकता अभियान चलेगा। मध्य प्रदेश में 15 जनवरी 2022 के बाद शराब बंदी लागू होकर रहेगी, यही गंगा सागर से तय करके आऊंगी।


'चुनाव से पहले क्यों आती है शराबबंदी की याद?'

आपको बता दें कि, बीते लंबे समय से पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती मध्य प्रदेश में शराबबंदी को लेकर आवाज बुलंद करती आ रही हैं। हालांकि, ये अलग बात है कि, ये मुद्दा चुनाव से पहले ही याद आता है। बीते दिनों उमा भारतीने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर 8 मार्च यानी महिला दिवस से शराबबंदी अभियान चलाने की घोशषणा की थी। उस दौरान भी विपक्ष ने उमा भारती के इस फैसले का समर्थन किया था। लेकिन, उस दौरान उमा ने अपने इस फैसले को ठंडे बस्ते में डाल दिया, लेकिन अब मध्य प्रदेश में राज्यसभा और उपचुनावों की हलचल के बीच एक बार फिर उमा भारती ने शराबबंदी का मोर्चा खोल दिया है। इसपर प्रदेश में चर्चाओं का बाजार एक बार फिर गर्म हो गया है। विपक्ष का ये भी कहना है कि, शराबबंदी का फैसला सही है, लेकिन सवाल ये है कि, इसकी याद किसी भी चुनाव से पहले ही क्यों आती है?

उमा भारती ने शराबबंदी पर कही थी ये बात- देखें Video

Published on:
19 Sept 2021 05:54 pm
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