Mukesh Malhotra- विजयपुर विधानसभा उपचुनाव 2024 पर एमपी हाईकोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया
Mukesh Malhotra- एमपी की विजयपुर विधानसभा उपचुनाव 2024 से जुड़ी चुनाव याचिका पर एमपी हाईकोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा Mukesh Malhotra का निर्वाचन निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही दूसरे स्थान पर रहे बीजेपी के उम्मीदवार रामनिवास रावत को विजयी घोषित कर दिया है। हाईकोर्ट ने आपराधिक जानकारी छिपाने के आधार पर यह फैसला सुनाया है। मुकेश मल्होत्रा Mukesh Malhotra और कांग्रेस ने हाईकोर्ट के इस फैसले पर निराशा जताई है। पार्टी नेताओं ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही है। कांग्रेस के मुकेश मल्होत्रा ने बीजेपी उम्मीदवार रामनिवास रावत को मंत्री रहते हुए उपचुनाव में 7364 वोटों से करारी शिकस्त दी थी। राज्य सरकार के एक बड़े मंत्री को मात देने वाली इस चुनावी विजय में आदिवासियों की भूमिका सबसे अहम रही। मुकेश मल्होत्रा को उनके एकमुश्त वोट मिले थे जिनके दम पर वे क्षेत्र के बेहद कद्दावर नेता रामनिवास रावत को हराने में कामयाब हो गए थे। अब हाईकोर्ट द्वारा विधायकी निरस्त कर देने से उनके राजनैतिक भविष्य पर एक बार फिर प्रश्नचिन्ह लग गया है।
मुकेश मल्होत्रा पहले बीजेपी में थे। वे सहारिया विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष थे। मुकेश मल्होत्रा को राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त था। बीजेपी नेता के रूप में इलाके में उनका खासा वर्चस्व भी था लेकिन 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्हें टिकट नहीं दी गई। इस पर मुकेश मल्होत्रा ने पार्टी छोड़ दी और निर्दलीय चुनाव लड़ा। उन्हें 44 हजार से ज्यादा वोट मिले और वे तीसरे स्थान पर रहे थे।
विधानसभा चुनावों के कुछ ही माह बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व विधायक रामनिवास रावत ने पार्टी छोड़ दी और बीजेपी में शामिल हो गए। मोहन यादव सरकार में उन्हें तुरंत मंत्री भी बना दिया गया। रामनिवास रावत ने विधानसभा से भी इस्तीफा दे दिया था जिसके कारण विजयपुर में उपचुनाव होना था। मुकेश मल्होत्रा Mukesh Malhotra ने इस मौके को तुरंत भुनाया और मई 2024 में मुरैना में प्रियंका गांधी की चुनावी सभा में उन्होंने कांग्रेस जॉइन कर ली। पार्टी ने उन्हें विजयपुर में बीजेपी के उम्मीदवार वन मंत्री रामनिवास रावत के सामने चुनावी मैदान में उतार दिया।
मुकेश मल्होत्रा सहारिया आदिवासी हैं। विजयपुर विधानसभा में करीब 2.50 लाख वोटर थे जिसमें सहारिया समुदाय के ही 70 हजार से ज्यादा वोट शामिल थे। विधानसभा उपचुनाव में आदिवासियों ने मुकेश मल्होत्रा का पूरा साथ दिया। सहारिया आदिवासियों की एकमुश्त वोटिंग की वजह से उन्हें 1 लाख से ज्यादा वोट मिले जबकि रामनिवास रावत महज 93 हजार वोट ही पा सके। इस प्रकार मुकेश मल्होत्रा करीब 7 हजार वोटों से जीत गए थे। राज्य सरकार के केबिनेट मंत्री रामनिवास रावत को हराने से मुकेश मल्होत्रा की राजनैतिक साख में जबर्दस्त इजाफा हो गया था। उपचुनाव में हार जाने से रावत को मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। इसके बाद उन्होंने कोर्ट में चुनावी याचिका दायर की जिसपर सोमवार को आए फैसले ने एक बार फिर दोनों प्रमुख प्रतिद्वंद्वियों के रसूख को पलटकर रख दिया है।