भोपाल

दिल्ली में राहुल गांधी की गिरफ्तारी पर एमपी विधानसभा में प्रदर्शन, मंत्री कैलाश पर छात्रों को ‘कीड़ा’ कहने का आरोप

MLAs Protest In MP Assembly : दिल्ली में राहुल गांधी की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेसियों से किए गए आह्वान के चलते एमपी विधानसभा में कांग्रेस विधायकों का धरना प्रदर्शन देखने को मिला। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर 'कीड़ा' कहने का आरोप लगाया।
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MLAs Protest In MP Assembly
MLAs Protest In MP Assembly (मंत्री कैलाश पर छात्रों को 'कीड़ा' कहने का आरोप Photo Source- Patrika)

MP News : देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर से उठी नीट पेपर लीक के विरोध की आग संसद भवन से पीएम निवास और अब मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की विधानसभा तक आ पहुंची है। प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के सवाल को लेकर पीएम निवास के बाहर धरने पर बैठे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पुलिस द्वारा डीटेन किए जाने के बाद कांग्रेस का देशभर में अलग ही विरोध प्रदर्शन शुरु हो गया है, जिसकी आंच एमपी विधानसभा भवन से लेकर लगभग सूबे के सभी जिलों में नजर आई।

दरअसल, राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध, नीट मामले पर दिल्ली समेत देश के अलग-अलग शहरों में प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांगों समेत एमपी सरकार द्वारा लागू किए जा रहे यूसीसी बिल और ओबीसी के 27% आरक्षण मामले के विरोध में विपक्ष विधानसभा परिसर में धरने पर बैठ गया। बताया जा रहा है कि, ये धरना हुकूमत के आला नुमाइंदों के तमाम प्रयासों के बावजूद देर रात तक जारी रहा।

सदन के बाहर धरने पर बैठे कांग्रेस विधायक

आपको बता दें कि, मध्य प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को मानसून सत्र का दूसरा दिन था, जो बेहद हंगामेदार गुजरा। प्रदेश की दो अलग-अलग मांगों को लेकर विपक्ष सदन में गर्भगृह में डटा रहा। हंगामा बढ़ता देख नेता सदन को आखिरकार कार्यवाही बीच में ही स्थगित करनी पड़ी। अब इससे पहले की विधायक अपने-अपने घरों के लिए सदन से रवाना होते, दिल्ली से एक ऐसी खबर आ गई, जिसने एक बार फिर सदन का माहौल गर्म कर दिया। लेकिन इस बार हंगामा विधानसभा कक्ष के अंदर नहीं बल्कि बाहर सदन परिसर में शुरु हो गया। दरअसल, राहुल गांधी की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेसियों से किए गए आह्वान के चलते सदन में मौजूद कांग्रेस विधायक परिसर के भीतर ही राहुल गांधी की गिरफ्तारी समेत देश-प्रदेश के मुद्दों को लेकर धरने पर बैठ गए।

कहीं सवाल, कहीं आरोप

यहां नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बताया कि, दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ हुई बर्बरता के विरोध में राहुल गांधी के आह्वान पर मध्य प्रदेश कांग्रेस विधायक दल ने विधानसभा परिसर में स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन शुरु किया है। इस दौरान उमंग सिंघार ने कहा कि, छात्रों पर लाठी चलाने वाली भाजपा सरकार को जवाब देना होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी निभाते हुए अपने पदों से इस्तीफा देना होगा। इस दौरान मोहन सरकार में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर भी गंभीर आरोप लगाया गया।

मंत्री कैलाश ने छात्रों को कीड़ा कहा: नेता प्रतिपक्ष

दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन का असर एमपी में भी दिखा। मानसून सत्र की कार्यवाही स्थगित होने के बाद कांग्रेस विधायकों के साथ सीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने संसदीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने छात्रों को 'कीड़ा' कहा है। छात्रों से हुई बर्बरता पर सदन में बहस कराने से इंकार किया। दरअसल, देर शाम मंत्री कैलाश विजयवर्गीय धरने पर बैठे कांग्रेसियों को मनाने पहुंच गए। इस दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच हुई बातचीत का कोई हल तो नहीं निकला बल्कि एक नया विवाद खड़ा हो गया। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने नीट पेपर लीक मामले पर सरकार से अकाउंटेबिलिटी की मांग के चलते प्रदर्शन कर रहे छात्रों को 'कीड़ा' कहा है। नेता प्रतिपक्ष का ये आरोप अपने बड़बोलेपन के लिए पहचाने जाने वाले मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की एक बार फिर मुसीबत बढ़ा सकता है।

देर रात तक चला धरना प्रदर्शन

इधर, धरने पर बैठे सिंघार ने कहा, नीट पेपर लीक मामले में एमपी के छात्र भी देश के अन्य छात्रों की तरह प्रभावित हुए हैं। देशभर के 21 छात्रों में से 2 सुसाइड करने वाले छात्र एमपी से भी हैं। देशभर के छात्रों की तरह एमपी से प्रदर्शन करने गए छात्रों को दिल्ली में लाठियां मारी गई। इस पर सदन में चर्चा की मांग की गई सदन अध्यक्ष ने मना कर दिया। बता दें कि, सदन में कांग्रेस विधायकों द्वारा रात 11.30 बजे तक धरना दिया गया। साथ ही, कांग्रेस ने भी कहा कि, बुधवार को वो इस मामले को मानसून सत्र के बीच सदन में उठाएंगे।

उमंग का पलटवार..सरकार हिंदू-मुस्लिम से शिक्षा-रोजगार से ध्यान भटका रही

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा, सरकार आरएसएस का एजेंडा लागू कर रही है। जनता के असली मुद्दों से भाग रही है। किसान खाद की कमी व युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं। महिलाओं पर अपराध बढ़ रहे हैं। घोटालों की परतें खुल रही, पर सरकार मौन है। भाजपा सरकार सिर्फ हिंदू-मुस्लिम विवाद, यूसीसी व तथाकथित लव जिहाद जैसे मुद्दों को उछालकर जनता का ध्यान भटका रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि, महंगाई जैसे जनहित के विषय सरकार की प्राथमिकता में नहीं हैं।

मसूद का संशोधन प्रस्ताव खारिज

आरिफ मसूद ने संशोधन प्रस्ताव पर कहा, अल्पसंयकों को संविधान के आर्टिकल 29 में संरक्षण के कई अधिकार मिले हैं। इसका यूसीसी बिल में उल्लंघन हुआ। इसे लागू नहीं करना चाहिए। पहले प्रवर समिति को चर्चा के लिए भेजें। अध्यक्ष ने कानूनी पक्षों के आधार पर प्रस्ताव खारिज किया।

आसानी से पास नहीं हुआ यूसीसी बिल

यूसीसी बिल आसानी से पास नहीं हुआ। विपक्षी सदस्य बिल पर चर्चा से लेकर पारित होने तक पौने दो घंटे गर्भगृह में डटे रहे। नारेबाजी की। बिल को चर्चा से पहले प्रवर समिति को भेजने व यूसीसी से पहले ओबीसी को 27त्न आरक्षण देने की मांग की। मांगें नहीं मानी तो विरोध और तेज कर दिया।

Updated on:
22 Jul 2026 07:58 am
Published on:
22 Jul 2026 07:54 am