
MP Congress MLA - एमपी में बीजेपी द्वारा राज्यसभा चुनाव में तीसरे उम्मीदवार को उतार देने के बाद से ही राजनैतिक हलचल तेज हो गई है। अपने दोनों उम्मीदवारों तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल की जीत के लिए जरूरी वोटों के बाद भी पार्टी के पास 48 वोट बच रहे हैं। कांग्रेस की सीट छीनने के लिए बीजेपी को महज 10 वोट चाहिए जिसके लिए हर तिकड़म भिड़ाई जा रही है। चर्चा है कि कांग्रेस के करीब 10 विधायक संपर्क में हैं। क्रास वोटिंग की आशंका कांग्रेस नेतृत्व को भी है। यही कारण है कि अपने विधायकों को बचाने के लिए उन्हें किसी अन्य राज्य में शिफ्ट कर रही है। पहले कांग्रेस विधायकों को हिमाचल ले जाने की बात कही जा रही थी लेकिन अब उन्हें कर्नाटक ले जाने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि शाम तक सभी विधायकों को बेंगलुरू शिफ्ट कर दिया जाएगा।
कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन के विधानसभा में नामांकन दाखिल करने के तुरंत बाद सोमवार को सभी कांग्रेस विधायकों को सीधे प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (PCC) पहुंचने के निर्देश दिए गए थे। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी यहां पहुंचे और सभी विधायकों के साथ लंच लिया। इसके बाद तीसरी सीट को लेकर बीजेपी की रणनीति का जवाब देने विचार विमर्श कर प्लान तैयार किया।
कांग्रेस का सियासी मंथन शाम को भी जारी रहा। अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए लंच पॉलिटिक्स के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने ‘डिनर डिप्लोमेसी’ की। उन्होंने पार्टी के सभी विधायकों को अपने निवास पर डिनर पर आमंत्रित किया। यहां विधायकों को किसी अन्य कांग्रेस शासित राज्य में शिफ्ट करने का अहम फैसला लिया गया।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने बताया कि कांग्रेस विधायक दल एवं पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ रात्रि भोज पर आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर विस्तृत रणनीतिक चर्चा एवं विचार-विमर्श किया। पार्टी पूरी तरह एकजुट है। उन्होंने कहा कि प्रभावी नेतृत्व और विधायकों की एकता से राज्यसभा चुनाव में विजय का मार्ग प्रशस्त होगा।
पता चला है कि कांग्रेस अपने विधायकों की सुरक्षा और क्रॉस वोटिंग के खतरे को देखते हुए अब उन्हें कर्नाटक शिफ्ट कर रही है। मंगलवार को दोपहर में कांग्रेस के सभी विधायक विशेष विमान से बेंगलुरू के लिए रवाना हो जाएंगे। विधायक 18 जून तक बाहर ही रहेंगे।