
Bhopal news:मध्यप्रदेश शासन ने 45 वर्ष की आयु पूरी कर चुके चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को सहायक ग्रेड-3 और समकक्ष पदों पर विभागीय पदोन्नति के लिए सीपीसीटी स्कोर कार्ड की अनिवार्यता से छूट दी है। लेकिन हकीकत यह है कि इस फैसले से अनुकंपा नियुक्ति के मामलों में राहत नहीं मिली है। संबंधित अभ्यर्थियों की परेशानी अब भी बरकरार है।
ऐसे में पदोन्नति के लिए नियमों में दी गई छूट, अनुकंपा नियुक्ति प्रक्रिया के बीच अंतर को लेकर कर्मचारी संगठन सवाल रहे हैं। कहना है सबसे ज्यादा परेशानी तो अनुकंपा नियुक्ति वालों को ही झेलनी पड़ रही है, उन्हें बिना आवश्यक तैयारी और योग्यता के ही सेवाएं देनी पड़ रही हैं। जिससे उन्हें इसका कोई विशेष लाभमिलने वाला नहीं है। ऐसे में अनुकंपा मामलों में सीपीसीटी से जुड़ी परेशानी दूर करने के लिए अलग स्पष्टता की जरूरत बनी हुई है। बता दें कि सामान्य प्रशासन विभाग ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
अनुकंपा नियुक्ति के लिए सीपीसीटी से जुड़ी समस्या का समाधान नहीं हुआ है। विभाग द्वारा जारी निर्देशों का लाभइन मामलों में स्वतः लागू नहीं होगा। शासन ने केवल विभागीय पदोन्नति तक सीमित रखा है। इससे अभ्यर्थियों को राहत के लिए अलग से स्पष्ट आदेश या नियमों में बदलाव का इंतजार है। शासन ने भी सीधी भर्ती, नियुक्ति के माध्यमों में सीसीपीटी तथा कंप्यूटर डिप्लोमा की निर्धारित अर्हताएं पहले की तरह लागू रहने की बात कही है।
इससे जुड़ी समस्या का समाधान केवल पदोन्नति नियमों में बदलाव तक सीमित नहीं है। अनुकंपा नियुक्ति के पात्र अभ्यर्थियों के लिए भी यह स्पष्ट होना जरूरी है कि सहायक ग्रेड-3 और समकक्ष पदों पर नियुक्ति के दौरान कंप्यूटर अर्हताओं को लेकर कौन नियम लागू होंगे, किन परिस्थितियों में छूट मिल सकती है। जब तक इस संबंध में स्पष्टता नहीं आती, तब तक पदोन्नति में राहत, अनुकंपा नियुक्ति प्रक्रिया में अंतर बना रहेगा।
चतुर्थ श्रेणी के लिए सीपीसीटी नियमों में छूट की मांग लंबे समय से की जा रही थी, शासन ने 45 वर्ष की उम्र पूरी करने वालों को पदोन्नति में छूट दी है, लेकिन अनुकंपा नियुक्ति में असमंजस है। - इंजी. सुधीर नायक, संरक्षक, मप्र लिपिक वर्गीय, शासकीय कर्मचारी संघ