
Shashank Singh- मध्यप्रदेश के तेज तर्रार आइपीएस अधिकारी रह चुके रिटायर्ड स्पेशल डीजीपी शैलेष सिंह और उनके क्रिकेटर बेटे शशांक सिंह पर रातीबड़ थाने में मारपीट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज हुआ है। दोनों पर उनके घरेलू नौकर ने बंधक बनाकर पिटाई करने और मोबाइल छीनने का आरोप लगाया है। स्पेशल डीजी पुलिस से रिटायर हुए शैलेष सिंह रातीबड़ थाना क्षेत्र में डीपीएस स्कूल के समीप मेंडोरी में परिवार के साथ रहते हैं। उन पर हाल ही में नौकरी पर रखे गए रीवा के चौखंडी थाना जवा निवासी नौकर विपेंद्र सिंह तोमर ने मारपीट का आरोप लगाया है। भोपाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। खास बात यह है कि क्रिकेटर शशांक सिंह के पिता का यह कोई नया विवाद नहीं है। पूर्व डीजीपी की परिजनों ने भी शिकायत की है, उनकी गाड़ी पर हमला भी हो चुका है।
रातीबड़ थाना प्रभारी राजबिहारी शर्मा ने बताया कि रिटायर्ड स्पेशल डीजीपी, उनके बेटे शशांक सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया। रीवा जिले के रहने वाले 31 वर्षीय विपेंद्र सिंह तोमर की शिकायत पर ये केस दर्ज किया गया है।
थाना प्रभारी राज शर्मा ने बताया कि शिकायतकर्ता तीन दिन पहले भोपाल आए थे। उन्होंने 25 जून को मेंडोरी रोड स्थित शैलेष सिंह के घर पर रसोइए के रूप में काम शुरू किया था। इसके बदले उन्हें 15 हजार रुपए मासिक वेतन, रहने और खाने की सुविधा देने की बात तय हुई थी। फरियादी विपेंद्र ने आरोप लगाते हुए शिकायत देकर बताया कि काम शुरू करने के कुछ समय बाद ही घर के सदस्य उनके काम में लगातार कमियां निकालने लगे और उनका मोबाइल फोन भी अपने पास रख लिया।
शनिवार सुबह जब उन्होंने मोबाइल वापस मांगा तो विवाद हो गया। इसके बाद शैलेष सिंह, उनके बेटे शशांक सिंह और ड्राइवर मिश्रा ने उनके कमरे में आते ही अभद्रता की और लात- घूंसों से मारपीट करने लगे। विपेंद्र का यह भी आरोप है कि उनसे मोबाइल के जरिए खाने और रहने के खर्च के नाम पर 1000 रुपए ट्रांसफर कराए गए और फिर घर से निकाल दिया गया।
क्रिकेटर शशांक सिंह के पिता पूर्व स्पेशल डीजी शैलेष सिंह का नाम इससे पहले भी विवादों में आ चुका है। साल 2022 में उनकी मां और बड़े भाई कमलेश सिंह ने उन पर प्रताडऩा के आरोप लगाए थे। शैलेष सिंह पर पुश्तैनी संपत्ति को लेकर
यह आरोप लगा था।
पूर्व स्पेशल डीजी शैलेष सिंह का दो साल बाद नया विवाद हुआ। दिसंबर 2024 में दामाद की जमीन की पैमाइश कराने के दौरान खजूरी क्षेत्र में ग्रामीणों ने उनकी गाड़ी पर हमला कर दिया था।