
Bhopal News :मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सोशल मीडिया पर महिला अधिकारी बनकर संपर्क कर कोलार में रहने वाले व्यापारी से 16.49 लाख रुपए ठगी करने का मामला सामने आया है। जालसाज महिला ने खुद को एक निजी कंपनी का प्रतिनिधि बताकर निवेश पर हर महीने अच्छा मुनाफा देने का भरोसा दिलाया था। इसके बाद धीरे-धीरे बड़ी रकम अपने खातों में ट्रांसफर करा ली। जब व्यापारी ने मुनाफे की रकम और रुपए वापस मांगे तो ठगी करने वाली महिला ने फोन उठाना बंद कर दिया। इसके बाद फरियादी ने पुलिस से शिकायत की।
जांच अधिकारी पप्पू कटियार ने बताया कि, आर्चेड पैलेस निवासी 38 वर्षीय रिषी राज जैन वाटर सप्लाई का कारोबार करते हैं। मार्च महीने में उनकी सोशल मीडिया से निम्मी शर्मा नाम की एक महिला से बातचीत हुई। महिला ने खुद को एक कंपनी की अधिकारी बताया और निवेश करने पर हर महीने मुनाफा सहित अच्छे लाभ मिलने का दावा किया।
महिला की बातों पर भरोसा कर रिषी राज ने अलग-अलग किस्तों में कुल 16.49 लाख रुपए निवेश कर दिए। शुरुआत में आरोपियों ने भरोसा बनाए रखा, लेकिन पूरी रकम जमा होने के बाद उनका व्यवहार बदल गया। कुछ समय बाद उन्होंने फोन कॉल और संदेशों का जवाब देना भी बंद कर दिया। ठगी का एहसास होने पर व्यापारी ने कोलार पुलिस से शिकायत की। जांच के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।
टेलीग्राम पर ऑनलाइन टास्क पूरा कर मोटी कमाई का झांसा देकर एक 24 वर्षीय युवती से 1.26 लाख रुपए की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। मिसरोद श्रीराम कॉलोनी निवासी नेहा विश्वकर्मा की शिकायत पर मिसरोद साइबर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 24 वर्षीय नेहा विश्वकर्मा के मोबाइल पर 14 जून को एक अज्ञात व्यक्ति ने वॉट्सऐप पर लिंक भेजा था।
नेहा को टेलीग्राम के एक ग्रुप में जोड़ दिया गया। ठगों ने नेहा को बताया कि निवेश करने पर कम समय में अच्छा रिटर्न मिलेगा। आरोपियों ने पहले उनसे 1101 रुपए निवेश कराए और कुछ समय बाद 1413 रुपए वापस भेज दिए। नेहा ने धीरे-धीरे कुल 1 लाख 26 हजार रुपए विभिन्न खातों और यूपीआइ आइडी पर ट्रांसफर कर दिए।
जब उन्होंने अपनी पूरी रकम वापस मांगनी शुरू की तो आरोपियों ने कभी गलत टास्क, कभी तकनीकी कमी और कभी अकाउंट वेरिफिकेशन का बहाना बनाकर और पैसे जमा करने का दबाव बनाया। जब ठगी का अहसास हुआ तो नेहा ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद मामला साइबर थाना भोपाल को जांच के लिए भेजा गया, इसके बाद जीरो पर दर्ज केस को मिसरोद थाना पुलिस ने दर्ज कर जांच शुरू की।
वहीं, प्रदेश में लगातार बढ़ रहे साइबर ठगी के मामलों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से मोहन सरकार आज से प्रदेश में 'Safe Click 2.0' अभियान की शुरुआत करने जा रही है। इस अभियान का टास्क है 'रुकें, सोचें, और फिर क्लिक करें'। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज इस राज्य स्तरीय साइबर जागरूकता अभियान का शुभारंभ राजधानी के रविन्द्र भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान करेंगे।