
Bhopal News : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में साइबर ठगी का अजीबोगरीब मामला सामने आया है। दरअसल, शहर के हबीबगंज थाना इलाके की अरेरा कॉलोनी में रहने वाले 68 वर्षीय टी. गणेश कुमार से बिजली कनेक्शन काटने की धमकी देकर साइबर जालसाजों ने 8 लाख रुपए की ठगी कर ली। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामले की जांच में जुटी पुलिस का कहना है कि, गणेश कुमार के मोबाइल पर 4 दिन पहले एक संदेश आया, जिसमें 85 रुपए का बिजली बिल बकाया बताया गया। साथ ही नया स्मार्ट मीटर लगाने के लिए 12 रुपए जमा करने और भुगतान नहीं करने पर रात में बिजली कनेक्शन काटने की चेतावनी दी गई। उन्होंने ऑनलाइन भुगतान करने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुआ। इसके बाद खुद को बिजली कंपनी का कर्मचारी बताने वाले व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया और ऑनलाइन
फरियादी ने बताया, अगले दिन परिवार के साथ बाहर थे तो उनके मोबाइल पर बिजली बिल जैसा एक लिंक आया। लिंक खोलने के बाद जालसाजों ने फोन पर कुछ प्रक्रिया कराई, जिसके बाद उनके बैंक खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 8 लाख रुपए निकाल लिए। बैंक पहुंचकर स्टेटमेंट देखने पर उन्हें ठगी का पता चला। इसके बाद उन्होंने तत्काल अपना खाता बंद कराया और साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। वहीं, जांच में ठगी की पुष्टि होने के बाद उनके द्वारा हबीबगंज पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया।
बिजली बिल, केवायसी या किसी भी सरकारी सेवा के नाम पर आए संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में कोई प्रक्रिया पूरी न करें। अगर गलती से प्रक्रिया पूरी कर भी लेते हैं तो तत्काल मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर दें, जिससे ठगी से बच सकते हैं।
साइबर ठगों की जालसाजी से आइटी कंपनी के प्रोफेशनल्स भी नहीं बच पा रहे हैं। शहर के शाहपुरा इलाके के रोहित नगर में रहने वाले आइटी कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट से साइबर ठगों ने 8 महीने में 60 लाख रुपए की ठगी की है। ठगों ने उन्हें आइपीओ ट्रेडिंग और निवेश के नाम पर मोटा मुनाफा देने का झांसा दिया था। हालांकि, पीड़ित की शिकायत पर साइबर सेल ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
साइबर एसपर्ट शोभित चतुर्वेदी ने बताया कि, फरियादी सिराज तराडे की पोस्टिंग बेंगलूरु में है। नवंबर 2024 में उनके पास आइपीओ ट्रेडिंग में निवेश से मुनाफा कमाने को लेकर एक अनजान नंबर से कॉल आया। शुरुआत में 15 हजार रुपए निवेश कराए गए। फिर उनको मुनाफे की रकम दी गई थी।
24 नवंबर 2024 से जून 2025 के बीच फरियादी ने कई किस्तों में 60 लाख रुपए अलग-अलग खातों और कंपनियों के नाम पर ट्रांसफर कर दिए। जब उन्होंने निवेश की रकम और मुनाफा वापस मांगा तो आरोपी बहाने बनाने लगे। जब फरियादी को अपने साथ ठगी होने का एहसास हुआ। फिर वे पुलिस के पास गए, जहां महीनों जांच के बाद भी कुछ पता नहीं चला। बाद में निजी साइबर एसपर्ट की मदद से पता चला, ठगों ने 100 से अधिक बैंक खातों व विभिन्न कंपनियों के नाम का इस्तेमाल कर रकम ट्रांसफर कराई है।