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Bhopal news: ‘सॉरी मम्मी-पापा…’, बर्थ-डे के दिन सबको रुला गई JEE स्टूडेंट, 10 महीने में हॉस्टल में दूसरी मौत

Darshan Miyama Case: आदिवासी कन्या छात्रावास में दस महीने पहले भी एक छात्रा कर चुकी है। अब पैरेंट्स निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की मांग कर रहे है।
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Darshan Miyama Case: आदिवासी कन्या छात्रावास में पहले भी हो चुकी घटना (Photo Source - Patrika)

Darshan Miyama Case: आदिवासी कन्या छात्रावास में पहले भी हो चुकी घटना (Photo Source - Patrika)

Bhopal news: एमपी में भोपाल शहर के कटारा हिल्स स्थित जिस आदिवासी कन्या छात्रावास में 12वीं और जेईई की छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, उसी छात्रावास में दस महीने पहले ही 17 साल की एक और लड़की ने आत्महत्या की थी। अब एक बार फिर ऐसी घटना से छात्रावास की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो रहे है।

बीते दिन बेटी के सुसाइड की जानकारी मिलते ही परिवार करीब 400 किमी. दूर अलीराजपुर से भोपाल पहुंचा। पुलिस द्वारा सारी जांच करने के बाद दर्शन की डेडबॉडी को परिवार को सौंपा गया। घर वालों का बेटी को इस हालते में देखकर रो-रो कर बुरा हाल था। वे बार-बार यहीं कह रहे थे कि ऐसा क्यों किया। बाद में परिवार के द्वारा पूरे विधि-विधान के साथ बेटी के अंतिम संस्कार की प्रकिया की गई।

हॉस्टल में पहले भी हो चुका घटना

बताया जा रहा है कि कटारा हिल्स स्थित आदिवासी कन्या छात्रावास लगातार दूसरा मामला सामने आने से विवाद पढ़ गया है। यहां दस महीने पहले ही 17 साल की ही वंदना मरकाम ने आत्महत्या की थी। वो बालाघाट की निवासी थी। वह 12वीं कक्षा की छात्रा थी और एमपी नगर स्थित एक कोचिंग संस्थान से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। वंदना के सुसाइड केस में पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला था, जिससे आत्महत्या के कारणों का तत्काल पता नहीं चल सका था।

पुलिस को जानकारी मिली थी कि वंदना दीपावली के बाद 26 अक्टूबर 2025 को अपने घर से छात्रावास लौटी थी। छात्रावास की वार्डन के अनुसार उसने पेट में संक्रमण का हवाला देकर उस दिन कोचिंग से छुट्टी ली थी। बाद में उसकी रूम पार्टनर और अन्य छात्राओं ने कमरे में उसका शव देखा, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

अब एक बार फिर ऐसी घटना से छात्रावास की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो रहे है। छात्राओं के परिजनों द्वारा मांग की जा रही है कि इस मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराई जाए, पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या दोषी पाए जाएं तो उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। एक भी छात्र की जान लापरवाही की भेंट नहीं चढ़नी चाहिए। इस बार न्याय चाहिए।

ये है पूरा मामला

जानकारी के लिए बता दें कि एक दिन पहले ही आलीराजपुर निवासी 17 साल की दर्शन मिनामा पिता रमेश मिनामा अनंत हायर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा थी। थाना प्रभारी सुनील दुबे ने बताया निजी कोचिंग सेंटर पर जेईई की तैयारी कर रही थी। शाम 5.30 बजे कोचिंग से लौटने के बाद वह अपने कमरे में चली गई। उसकी रूममेट 20 दिनों से गांव गई हुई थी, इसलिए कमरे में अकेली थी।

सुसाइड नोट में लिखा सॉरी, मम्मी-पापा

पुलिस और एफएसएल टीम को कमरे से एक सुसाइड नोट मिला। इसमें छात्रा ने लिखा कि उसकी मौत का जिम्मेदार वह खुद है। उसने लिखा, सॉरी मम्मी-पापा। जांच में छात्रा के मानसिक तनाव में होने की बात सामने आई है, वहीं आत्महत्या के कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

दोस्त जन्मदिन मनाने आए तो पता चला

जानकारी ये भी मिली है कि सोमवार को दर्शन का जन्मदिन भी था। शाम 6 बजे छात्रावास की छात्राएं केक लेकर उसका जन्मदिन मनाने उसके रूम पर पहुंचीं थी। दोस्तों के द्वारा दरवाजा खटखटाने के बावजूद जब कोई जवाब नहीं मिला तो सेंट्रल लॉक से दरवाजा खोला गया। अंदर के नजारा देखकर सभी छात्रा डर गई। उन्होंने देखा कि दर्शन रस्सी के फंदे में लटकी हुई है।