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भोपाल में किसान आंदोलन से डरा प्रशासन, बुधवार को स्कूलों की छुट्टी, CM हाउस घेरने की तैयारी

School holiday declared in Bhopal - राजधानी भोपाल में रोड पर डटे 2 हजार किसान, आंदोलन की आहट से मंगलवार रात 6 घंटे थमी रही राजधानी, पुलिस ने रोका तो खुद से हटाने लगे बैरिकेड्स, व्यवस्था फेल होने से बढ़ी दिक्कत
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School holiday declared in Bhopal due to farmers protest

भोपाल में किसान आंदोलन से स्कूलों में अवकाश घोषित- image patrika.com

Bhopal Farmers Protest - एमपी की राजधानी भोपाल में हजारों किसान आ जुटे हैं। उन्होंने पूरी रात बीच सड़क पर ही बिताई, वहीं भोजन किया। किसान प्रदेश में शत प्रतिशत मूंग खरीदी की मांग कर रहे हैं। देर रात प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनसे बातचीत की लेकिन यह बेनतीजा रही। बुधवार सुबह आंदोलनकारी किसान CM हाउस घेरने निकल रहे हैं हालांकि रोड पर जबर्दस्त सुरक्षा व्यवस्थाएं की गई हैं। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी भोपाल के कई स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।

प्रदेश सरकार ने मंगलवार शाम को किसानों का प्रतिनिधि मंडल बुलाया। उनकी कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना, मुख्यमंत्री के एसीएस नीरज मंडलोई, किसान कल्याण एवं कृषि सचिव निशांत वरवड़े से चर्चा हुई। इसमें किसानों ने मूंग की पूरी खरीदी, तारीख बढ़ाने और खाद की कमी दूर करने जैसी मांग पर लिखित आश्वासन मांगा।

किसान अपनी मांग पर अड़ गए लेकिन सरकार ने लिखित आश्वासन नहीं दिया। भारतीय किसान यूनियन के उपाध्यक्ष संतोष पटवारे ने बताया, चर्चा बेनतीजा रही। जब तक मांगे पूरी नहीं होंगी, तब तक किसान भोपाल में डटे रहेंगे। जब तक सरकार मूंग का एक- एक दाना नहीं खरीदेगी, पीछे नहीं हटेंगे।

इसके बाद किसानों ने बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी के सामने रात गुजारी। बुधवार को आगे कूच करने की तैयारी चल रही है।

रात में 30 हजार से ज्यादा लोग फंसे रहे

पुलिस को आशंका थी कि कुछ किसान चार पहिया वाहन में बैठकर शहर के अंदर दाखिल हो चुके हैं, इसके चलते पूरे शहर में नाकाबंदी कर दी गई। अरेरा हिल्स और सीएम हाउस की तरफ जाने वाली हर गाड़ी को रोककर यह चेक किया गया कि कहीं उसके अंदर आंदोलनकारी तो नहीं बैठा है। शहर की स्थिति इतनी ज्यादा बिगड़ गई कि पूरे भोपाल शहर के 4000 पुलिस कर्मचारी 6 घंटे तक राजधानी को ट्रैफिक जाम से मुक्त नहीं करवा पा रहे थे। शाम के समय कार्यालयों का स्टाफ, कोचिंग सेंटर से लौटने वाले बच्चे और बड़ी संख्या में नागरिक जो जहां था वहीं फंसकर रह गया।

6 घंटे तक रेंगा ट्रैफिक

किसान आंदोलन ने मंगलवार को नर्मदापुरम रोड को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया। कटारा हिल्स मार्ग, बावडिय़ा कलां, एमपी नगर रोड, लिंक रोड, रोशनपुरा चौराहा, वीआइपी रोड, लालघाटी चौराहा सहित सभी मुख्य मार्ग पर ट्रैफिक जाम था। सड़क पर 30 हजार से ज्यादा लोग जाम में फंसे रहे और छह घंटे तक वाहन रेंगते रहे।

बुधवार को अवकाश

किसानों के प्रदर्शन का स्कूलों पर भी असर पड़ा है। बुधवार को कुछ स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। नर्मदापुरम रोड के कई स्कूल आज बंद हैं।