
किसानों ने रोड पर ही दाल बाटी बनाई- image social media
Farmers Protest- मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल, हजारों किसानों से पट गई है। करीब 2 हजार किसान रातभर सड़क पर ही सोए। वे मूंग की शत प्रतिशत सरकारी खरीद और खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं। किसानों का बुधवार को सीएम निवास का घेराव करने का कार्यक्रम है। मंगलवार देर रात अधिकारियों ने उनसे करीब एक घंटे चर्चा की लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी। किसानों ने रोड पर ही दाल बाटी बनाई। इससे पहले नए भोपाल के लाखों लोग शाम करीब 4 बजे से रात 9 बजे तक जाम में फंसे रहे। नर्मदापुरम रोड, एम्स, बंसल प्लाजा, कटारा हिल्स रोड समेत अंदरूनी मार्गों, गलियों तक में जाम के हालात रहे। 11 मील से ट्रैफिक डायवर्ट होने से कटारा हिल्स रोड पर लगभग तीन किलोमीटर लंबा जाम लग गया। जबलपुर, नर्मदापुरम, बैतूल समेत कई जिलों के लोग परेशान रहे। इसे राज्य की इंटेलिजेंस फेल होने के तौर पर देखा जा रहा है।
दरअसल, किसानों की पदायात्रा सोमवार को नर्मदापुरम से शुरू हुई थी। रोकने की कोशिश नाकाम साबित हुई। बरखेड़ा और औबेदुल्लागंज में रात्रि विश्राम के बाद किसान मंगलवार को भोपाल रवाना हुए। दोपहर बाद राजधानी की सीमा में दाखिल हो गए। किसानों ने ऐलान किया है कि वे बुधवार को सीएम हाउस की ओर रवाना होंगे। किसान सात दिन का राशन तक लाए हैं।
उधर, भारतीय किसान यूनियन के उपाध्यक्ष संतोष पटवारे ने दावा किया कि चर्चा बेनतीजा रही। सरकार की ओर से ठोस जवाब नहीं मिला।
राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष राकेश कुमार गौर के अनुसार प्रति एकड़ 5 से 8 क्विंटल मूंग पैदा हुई। सरकार ने प्रति एकड़ 120 किलो प्रति एकड़ खरीदी की सीमा तय कर दी। ई-टोकन शुरू कर दिया। इससे आक्रोशित 17 किसान संगठनों ने नर्मदापुरम समेत अन्य जिलों से पैदल मार्च शुरू किया। ज्यादातर किसान हरदा, नरसिंहपुर, सीहोर, रायसेन के हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा है कि किसानों के साथ अन्याय स्वीकार्य नहीं। सीएम किसानों के प्रतिनिधियों से बातचीत कर समाधान निकालें।
कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना ने केंद्र सरकार को मूंग का खरीदी कोटा बढ़ाने 14 मई, 3 जुलाई के बाद अब फिर पत्र लिखा है। बताया है कि गर्मी की मूंग का रकबा 14.30 लाख हेक्टेयर है। 20.16 लाख मीट्रिक टन उत्पादन का अनुमान है। 8 लाख मीट्रिक टन मूंग खरीदनी पड़ेगी, लेकिन केंद्र ने मप्र का कोटा 4.54 लाख मीट्रिक टन ही तय किया है। अब तक 82 हजार किसानों से खरीदी कर चुके हैं।
Updated on:
29 Jul 2026 07:03 am
Published on:
29 Jul 2026 07:02 am
