
बड़वानी/भोपाल। मध्यप्रदेश के गृह मंत्री बाला बच्चन का कहना है कि गुजरात में बने सरदार सरोवर बांध के कारण मध्यप्रदेश में भूकंप के झटके आ रहे हैं। आज भी जोरदार धमाके के साथ भूकंप का झटका आया, जिससे सभी सकते में आ गए थे। जल्द ही हम इसकी रिपोर्ट मुख्यमंत्री कमलनाथ को देंगे।
मध्यप्रदेश के गृहमंत्री बाला बच्चन नर्मदा बेल्ट के पांच जिलों के दौरे थे। मुख्यमंत्री कमलनाथ के निर्देश पर क्षेत्र के दौरे पर निकले बाला बच्चन ने कहा कि गुजरात में बने सरदार सरोवर बांध को 134 मीटर तक भर जाने का असर मध्यप्रदेश में पड़ा है।
उन्होंने कहा है कि सरदार सरोवर बांध के गेट बंद होने के कारण उसका बैक वॉटर मध्यप्रदेश के पांच जिलों में भर गया है, जिस कारण लोग मुसीबत में हैं और उनकी आजीविका का भी संकट आ गया है। सरदार सरोवर बांध 134 मीटर तक भर गया है। उसका बैक वॉटर भरने से बड़वानी, झाबुआ, धार, अलीराजपुर और खरगौन जिले तक दिक्कत पैदा हो गई है।
अधिकारियों ने किया सर्वे
बाला बच्चन ने बताया कि वे लोगों की समस्याएं जानने के लिए कई गांवों के दौरे पर हैं। वे भमोरी पहुंचे तो वहां एक सभा को संबोधित करते समय जोरदार धमाका हुआ, जिस कारण सभी लोग घबरा गए। बाला बच्चन ने बताया कि यह घटना अधिकारियों ने रिकॉर्ड भी कर ली है।
बच्चन ने कहा कि 9 से अब तक लगातार भूकंप के कई बार झटके आ चुके हैं। दीवारों में दरारें आ रही हैं। मकानों के प्लास्टर दरक रहे हैं। मंदिर के भी धंसने की खबर है।
134 मीटर पानी भरने से जमीन में काफी हलचल मच गई है।
मेधा पाटकर से किया आग्रह
सरदार सरोवर बांध के पूरे गेट खुले रखने और विस्थापितों का पुनर्वास कराने की मांग को लेकर नर्मदा बचाओ आंदोलन की प्रमुख मेधा पाटकर अनिश्चितकालीन उपवास कर रही हैं। इन्हें मनाने के लिए बुधवार को गृह मंत्री बाला बच्चन छोटा बड़दा गए थे। इस दौरान करीब एक घंटे तक दोनों में चर्चा हुई। बच्चन ने मेधा से कहा कि कुछ खा लीजिए और अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें। उन्होंने अनशन समाप्त करने का भी आग्रह किया। बच्चन ने कहा कि आपकी समस्याओं का जल्द निराकरण कराया जाएगा। मुख्यमंत्री कमलनाथ को डूब क्षेत्रों की हकीकत दिखाने लाएंगे।
और क्या बोले बच्चन
-कल नर्मदा पट्टी के गांवों का दौरा किया। मेधा पाटकर के धरनास्थल पर भी दौरा किया। कलेक्टर और एनवीडीए समेत सभी अधिकारी हमारे साथ थे। जगह-जगह से फीडबैक लेने के बाद रिपोर्ट मुख्यमंत्री को दी जाएगी।
-सरदार सरोवर बांध के गेट से पानी छोड़ना चाहिए। बैक वाटर से खरबूजे की खेती करने वाले, मछली पकड़ने वाले समेत सभी वर्गों की दिक्कतें बढ़ती जा रही है।
-जैसा अनुमान था वैसा सही साबित होता जा रहा है। पिछले 15 से 20 दिनों से भूकंप के झटके आ रहे हैं।