भोपाल

दिसंबर में शीतलहर ने इन शहरों में तोड़ा 25 साल का रिकॉर्ड, अभी और पड़ेगी कड़ाके की ठंड

Cold Wave Broke 25 Year Record : इस साल नवंबर माह में इन दोनों शहरों में रिकॉर्ड शीतलहर चली है। 25 साल में ऐसा पहली बार है, जब भोपा और इंदौर में दिसंबर के महीने में 30 में से 29 दिन न्यूनतम तापमान 10 डिग्री या उससे कम दर्ज हुआ।
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Cold Wave Broke 25 Year Record
इस बार भोपाल-इंदौर में रिकॉर्ड तोड़ ठंड (Photo Source- Patrika)

Cold Wave Broke 25 Year Record : साल 2025 के लिए आज आखिरी रात है। चंद घंटों में वो भी विदा हो जाएगी। लेकिन, इस साल का नवंबर और दिसंबर मध्य प्रदेश के भोपाल और इंदौर वासियों को लंबे समय तक याद रहेंगे। वजह है, इन दोनों महीनों में पढ़ी ठंड। मौसम विभाग के अनुसार, इस साल नवंबर माह में इन दोनों शहरों में रिकॉर्ड शीतलहर चली है। वहीं, 25 साल में ये पहली बार है, जब इन दोनों शहरों में दिसंबर के महीने में 30 में से 29 दिन न्यूनतम तापमान 10 डिग्री या उससे कम दर्ज हुआ है। जबकि, ग्वालियर में 30 में से 27 दिन तापमान 10 डिग्री या उससे नीचे दर्ज हुआ है।

मौसम विभाग की मानें तो वो इसकी वजह राजस्थान में लगातार बने प्रति चक्रवात के साथ-साथ ला-निना इफेक्ट का होना बताया जा रहा है। फिलहाल, जानते हैं भोपाल और इंदौर में बीते 25 वर्षों के दौरान कितने दिन पारा 10 डिग्री से नीचे दर्ज हुआ।

भोपाल में 2000 से 2025 तक दिसंबर का न्यूनत तापमान 10 डिग्री से कम रहा

वर्ष---------------दिनों की संख्या

-2025---29
-2024---17
-2023---03
-2022---05
-2021---07
-2020---13
-2019---09
-2018---16
-2017---11
-2016---11
-2015---15
-2014---14
-2013---14
-2012---10
-2011---12
-2010---16
-2009---03
-2008---07
-2007---06
-2006---05
-2005---18
-2004---05
-2003---03
-2002---01
-2001---09
-2000---17

इंदौर में 2000 से 2025 तक दिसंबर का न्यूनत तापमान 10 डिग्री से कम रहा

वर्ष---------------दिनों की संख्या

-2025---29
-2024---07
-2023---00
-2022---04
-2021---06
-2020---09
-2019---05
-2018---14
-2017---05
-2016---05
-2015---15
-2014---17
-2013---12
-2012---07
-2011---05
-2010---17
-2009---00
-2008---03
-2007---09
-2006---13
-2005---26
-2004---14
-2003---09
-2002---04
-2001---07
-2000---10

(नोट: - 2025 में भोपाल, इंदौर के आंकड़े 30 तारीख तक के हैं। अन्य वर्षों के 31 दिन तक के हैं।)

तापमान में कमी के दो बड़े कारण

मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने मीडिया से चर्चा में बताया कि, इस साल नवंबर महीने से राजस्थान में एक प्रति चक्रवात बना है। इसकी वजह से उत्तर भारत की तरफ से आ रही बर्फीली हवाएं ग्वालियर तक पहुंचने के पहले ही मुड़कर प्रदेश में प्रवेश कर रही हैं। इस वजह से प्रदेश का पश्चिमी क्षेत्र उत्तरी क्षेत्र की तुलना में अधिक ठंडे बने हैं।

अभी ऐसी ही स्थिति बनी रहेगी

इसके अलावा इस बार पश्चिमी विक्षोभ भी कम संख्या में उत्तर भारत पहुंचे। उनकी तीव्रता भी कम रही है। मौसम शुष्क बना रहने से आसमान बिलकुल साफ है। राजस्थान की तरफ से भी शुष्क एवं सर्द हवाएं लगातार चल रही हैं। इस वजह से राजगढ़, भोपाल एवं इंदौर में रात के तापमान में लगातार कमी बनी हुई है। साथ ही इस बार ला निना का असर भी प्रभावी है। इस तरह की स्थिति अभी बनी रहने की संभावना है।

Updated on:
31 Dec 2025 08:15 am
Published on:
31 Dec 2025 08:15 am