
Bhopal crime news:मध्यप्रदेश के भोपाल शहर आज से करीब 682 दिन पहले एक पति ने अपनी ही पत्नी की जान ले ली थी। बताया गया था कि पत्नी और पति दोनों अलग-अलग रहते थे। उस पूरे मामले ने लोगों को चौंका कर रख दिया था। ऐसा इसलिए क्योंकि पति ने बहुत क्रूर तरीके से पत्नी की जान तो ली ही थी लेकिन पत्नी के साथ रहने वाली उसकी बहन तक को नहीं छोड़ा था। इस केस की तह तक जाने में पता चला था कि पति अपनी पत्नी के किसी एएसआइ से लव अफेयर को लेकर परेशान था। जिसके कारण दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। पत्नी भोपाल में फ्लैट लेकर पति से अलग अपनी बहन के साथ रह रही थी।
पुलिस ने जब इस केस की तह तक जाने की कोशिश की तो पता चला की पति पत्नी को मारने के लिए पूरी प्लानिंग के साथ 311 किमी. का सफर करके भोपाल आया था। यहां पर वह पत्नी के फ्लैट पहुंचने पर फ्लैट के गेट के बगल में छुप गया। नौकरानी के आने पर जब पत्नी ने गेट खोला तो पति ने नौकरानी को तेजी से धक्का देकर गिरा दिया। जिसके बाद घर में एंट्री की। उस समय घर में पत्नी के साथ उसकी बहन भी मौजूद थी। दोनों को इससे पहले कुछ समझ में आता पति ने दोनों पर वार करने शुरू किए। अंत में उसने दोनों की जान ले ली। इस पूरी घटना की जानकारी नौकरानी ने तुरंत पड़ोसियों को दी थी जिसके बाद घटनास्थल पर पुलिस पहुंची थी।
घटना स्थल पर पुलिस ने सारे साक्ष्य जुटाने के बाद जब आरोपी पति की खोज की। बाद में एमपी के मंडला जिले से उसे गिरफ्तार कर लिया गया । बताया जाता है कि पति अपने ड्राइवर के साथ कार से जा रहा था उसी दौरान पुलिस ने घेराबंदी करके उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया। इस पूरी घटना को देखकर आसापास के लोग दंग रह गए थे। ऐसा इसलिए क्योंकि पत्नी और साली की डेडबॉडी पर कई गहरे घाव मिले थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी इस बात का खुलासा हुआ था।
इस पूरे मामले में जांच पड़ताल के बाद 16 महीने तक अदालत में सुनवाई है दौर चला। 11 गवाहों को पेश करने के बाद पति को सजा मिली है। जस्टिस सुचिता श्रीवास्तव की विशेष कोर्ट ने योगेश को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 (1) के तहत दोनों हत्याओं के लिए अलग-अलग उम्रकैद और 1-1 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत तीन साल का सश्रम कारावास और एक हजार रुपए अर्थदंड भी लगाया गया। इस मामले में तकनीकी सबूत भी पेश किए। मौका-ए-वारदात के सीसीटीवी फुटेज भी पेश किए गए। मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुधाविजय सिंह भदौरिया ने पैरवी की।