भोपाल

माफियाओं के खिलाफ डीजीपी के सख्त निर्देश कहा, पुख्ता सूचना जुटाकर करें प्रोफेशनल तरीके से कार्रवाई

महिला सुरक्षा पर कहा वल्नरेबल स्पॉट चिह्नित कर करें चौकसी, अपराधियों को पकडऩे से ज्यादा महत्वपूर्ण है अपराध हो ही न पाएं वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए आगामी शौर्य दिवस पर चौकस रहने के दिए निर्देश
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Dec 03, 2019
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भोपाल। सोमवार को डीजीपी वीके सिंह ने प्रदेशभर के पुलिस अधिकारियों की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए निर्देश दिए कि माफियाओं के खिलाफ ठीक से कार्रवाई तब ही संभव है जब पुलिस के पास पुख्ता सूचना हों। पुलिस का सूचना तंत्र मजबूत होना चाहिए। पुख्ता सूचना के बाद माफियाओं के खिलाफ प्रोफेशनल तरीके से काम करें। उन्होंने कहा कि अपराधियों को पकडऩे से भी ज्यादा महत्वपूर्ण तो यह है कि अपराध होवे ही नहीं और ऐसा तब ही होगा जब पुलिस प्रोफेशनल तरके से पुलिसिंग करेगी।

आरोपियों पर कड़ी नजर रखें
भोपाल सहित इंदौर, जबलपुर, ग्‍वालियर जैसे महानगरों में महिलाओं व बच्‍चों के खिलाफ अपराध करने वाले आरोपियों की हिस्‍ट्रीशीट बनाने के भी उन्होंने निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डाटाबेस का उपयोग अपराध नियंत्रण में करें। जेल से जमानत व पैरोल पर रिहा होने वाले आरोपियों पर कड़ी नजर रखें।

डायल-100 सेवा का फीडबैक जरूर लें
वहीं, 6 दिसंबर, शौर्य दिवस पर कानून व्यवस्था पर अतिरिक्त सावधानी बरतने के भी निर्देश दिए। कहा कि ऐसे दिवसों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे। उन्‍होंने कहा हर जिले में थाना स्‍तर तक स्‍थानीय गणमान्‍य नागरिकों की बैठकें करें और उन्हें शांति बनाए रखने में सहभागी बनाएं। असामाजिक तत्‍वों तक पुलिस की मौजूदगी का संदेश पहुंचाए। सभी एसपी को कहा कि डायल-100 सेवा का फीडबैक जरूर लें।

शिक्षण संस्थाओं के आसपास चौकस रहे पुलिस
महिलाओं व बालिकाओं की सुरक्षा के लिहाज से वल्नरेबल स्‍पॉट चिन्हित करने के निर्देश दिए। शिक्षण संस्‍थानों के आस-पास व अन्‍य चिन्हित स्‍थानों पर पुलिस को चौकस रहने को कहा। कोई भी असामाजिक तत्‍व अपराध करने की हिम्मत न करें, ऐसी मौजूदगी पुलिस की रहे।

पुलिस का व्‍यवहार संवेदनशील हो
आईजी गुप्‍तवार्ता मकरंद देउस्‍कर व आईजी सीआईडी डी. श्रीनिवास वर्मा ने कानून व्यवस्था से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां शेयर की। एडीजी महिला अपराध अन्‍वेष मंगलम ने कहा कि महिलाओं से संबंधित अपराध के मामलों में थानों के बीच क्षेत्राधिकार की बात नहीं होना चाहिए। अपराध तत्‍परता से पंजीबद्ध करें और फरियादी के साथ पुलिस का व्‍यवहार संवेदनशील हो।

Published on:
03 Dec 2019 10:37 am