भोपाल

गर्मी में ‘तरबूज’ खाने से पहले सावधान ! इन 7 तरीकों से करें ‘असली-नकली’ में फर्क

Real vs Fake watermelon: डिहाइड्रेशन को कम करने के लिए अगर आप भी तरबूज खाते हैं तो इन 7 तरीकों से करें असली और नकली में फर्क.....

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May 18, 2026
Difference Between Real and Fake Watermelons (Photo Source: AI Image)

Real vs Fake watermelon: गर्मियों में पानी की कमी से बचने के लिए लोग तरबूज का सेवन करते हैं। इसे घर लाकर ठंडा करके लोग खुशी-खुशी खाते हैं लेकिन बीते कई दिनों से तरबूज को लेकर कई चौंकाने वाली खबरें सामने आ रही हैं। मुबंई के बाद मध्यप्रदेश में भी एक मामला सामने आया है। यहां पर श्योपुर शहर के (43) और उनके पुत्र विनोद (21) के सीने में जलन होने लगी। परिजनों के अनुसार जलन को कम करने के उद्देश्य से दोनों से तरबूज खा लिया और उसके बाद ज्यादा तबियत बिगड़ गई तो परिजन अस्पताल ले गए।

इंद्र सिंह की गंभीर हालत देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें कोटा रैफर कर दिया। लेकिन कोटा जाते समय रास्ते में ईटावा के पास उनकी मौत हो गई। इस खबर को पढ़ने के बाद से ही लोग तरबूज खाने से डर रहे हैं।

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केमिकल वाले तरबूज तो नहीं खा रहे हैं ?

डिहाइड्रेशन को कम करने के लिए लोग तरबूज खूब खाते हैं। मार्केट में भी तरबूज तेजी से बिक रहा है। लेकिन कई तरबूजों में केमिकल वाला इंजेक्शन देकर इन्हें बड़ा किया जा रहा है। कई मामले सामने आने के बाद FSSAI ने केमिकल वाले तरबूज को पहचानने का तरीका बताया है। ताकि आप इससे होने वाले नुकसान को आसानी से पहचान सकते हैं।

ऐसे करें पहचान

तरबूज खाने से पहले इसे चेक जरूर करें। सबसे पहले तरबूज को दो भागों में काट लें। अब इस तरबूज के ऊपरी हिस्से पर कॉटन बॉल को दबाएं। अगर बॉल्स का रंग प्रेस करने के बाद लाल हो जाए तो समझ जाएं कि इसमें केमिकल मिला हुआ है। तरबूज में लाल कलर का रंग मिला दिया जाता है। इस केमिकल एरिथ्रोसिन को लंबे समय तक इस्तेमाल करने से बच्चों के व्यवहार पर भी असर पड़ता है. थायरॉइड फंक्शन भी इससे काफी ज्यादा प्रभावित होता है।

ये भी हैं पहचान के तरीके

-असली तरबूज का आकार संतुलित और प्राकृतिक होता है। नकली तरबूज आकार में असमान या बहुत बड़ा होता है।

-असली तरबूज का छिलका सख्त और चमकदार होता है। नकली तरबूज आकार में असमान या बहुत बड़ा होता है।

-असली तरबूज में नीचे का पीला हिस्सा (फील्ड स्पॉट) गहरा पीला या नारंगी होता है। नकली तरबूज में नीचे का पीला हिस्सा हल्का पीला या सफेद होता है।

-असली तरबूज को थपथपाने पर गहरी और भारी आवाज आती है। नकली तरबूज को थपथपाने पर हल्की और खोखली आवाज आती है।

-असली तरबूज पानी में डालने पर डूब जाता है। नकली तरबूज पानी में डालने पर तैरने लगता है।

-असली तरबूज काटने पर इसका रंग गहरा लाल और दाने काले या भूरे होते हैं। नकली तरबूज काटने पर इसका रंग फीका लाल और दाने सफेद या बहुत हल्के होते हैं।

-असली तरबूज मीठा और रसदार होता है। नकली तरबूज स्वाद में कम मीठा या फीका होता है।

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Published on:
18 May 2026 02:04 pm
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