
Digvijay Singh : मध्यप्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेस नेता व पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं। वे अब राजनीति से इतर धर्म के रंग में रंगने जा रहे हैं। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह अब खुद को सनातनी बताते हुए उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा करनेवाले हैं। इसे ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ का नाम दिया गया है। दिग्विजय सिंह ने साफ कह दिया है कि इस यात्रा का कांग्रेस पार्टी से कोई लेनादेना नहीं है। ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ के संबंध में जानकारी देने के लिए उन्होंने पत्रकार वार्ता बुलाई। यहां दिग्विजय सिंह ने अपना दर्द भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मैं सनातनी हूं पर मुझे कभी ईसाई तो कभी मुस्लिम बना दिया जाता है। दिग्विजय सिंह ने यह भी कहा कि ऐसे लोग आरोप लगाते हैें जोकि मुख्यमंत्री काल में पैर छूने आते थे।
20 अक्टूबर से उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर से ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ शुरू होगी। दिग्विजय सिंह विजयादशमी के दिन इस यात्रा की शुरुआत कर रहे हैं। करीब 3 माह की यह यात्रा अयोध्या तक जाएगी। ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ के अंतर्गत दिग्विजय सिंह 900 से ज्यादा किलोमीटर का सफर पैदल तय करेंगे। रामलला के दर्शन के साथ यात्रा का समापन होगा।
महाकाल पूजा से रामलला के दर्शन पूजन की ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ दिग्विजय सिंह के लिए काफी अहम है हालांकि उन्होंने इसे पूरी तरह गैरराजनीतिक कार्यक्रम कहा है। यात्रा की विस्तार से जानकारी देने के लिए उन्होंने प्रेस वार्ता बुलाई। खास बात यह है कि पत्रकार वार्ता में दिग्विजय सिंह की पत्नी भी उपस्थित थीं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी यहां उपस्थित थे।
दिग्विजय सिंह ने बताया कि ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ के दौरान कांग्रेस पार्टी का झंडा नहीं लहराएगा। इसकी बजाय वे पांच अलग अलग रंगों की ध्वजा लेकर चलेंगे।
प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने खुद को सनातनी बताया। उन्होंने इस बात पर भी अफसोस जताया कि कभी पैर छूने आनेवाले लोग आज गलत सलत आरोप लगा रहे हैं।
मुझे भाजपा के लोग कभी ईसाई तो कभी मुस्लिम बना देते हैं जबकि मैं सनातनी हूं। मेरे ऊपर ऐसा आरोप वही लोग लगाते हैं जो मुख्यमंत्री रहते हुए पैर छूने आते थे।
बता दें कि दिग्विजय सिंह करीब 9 साल पहले नर्मदा परिक्रमा भी कर चुके हैं। उन्होंने अपनी पत्नी के साथ सन 2017 में विजयादशमी के दिन ही इस यात्रा की शुरुआत की थी।