
Meenakshi Natarajan - कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में मध्यप्रदेश से राज्यसभा सीट का नामांकन निरस्त होने के बाद से मीनाक्षी नटराजन लगातार सुर्खियों में बनी हैं। वे अभी दिल्ली में हैं और सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाने की तैयारी कर रही हैं। इधर भोपाल में कांग्रेसी लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। कुछ वरिष्ठ नेता मीनाक्षी नटराजन के तेलंगाना केस की जानकारी भाजपा तक पहुंचने के सवाल का जवाब तलाश में जुटे हैं। पार्टी नेताओं का इस बात का इल्म हो चुका है कि भाजपा की स्क्रिप्ट पहले से तैयार थी। उसने भोपाल एयरपोर्ट पर कांग्रेस विधायकों को उलझाए रखा और इधर विधानसभा में खेल कर दिया। पार्टी के दिग्गज नेता, प्रदेश के पूर्व सीएम व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने गुरुवार को मीनाक्षी नटराजन के संबंध में अहम बयान दिया। राजनैतिक विश्लेषक योगेंद्र यादव की एक पोस्ट के जवाब में उन्होंने कहा कि वर्तमान सियासी वातावरण में मीनाक्षी जैसी गांधीवादी नेता और कोई नहीं है। मैं उन्हें बचपन से जानता हूं।
मप्र से राज्यसभा सीट पर मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस के भीतर भी सवाल उठ रहे हैं। दरअसल, भाजपा प्रत्याशी के तौर पर तीसरी राज्यसभा सीट के लिए महेश केवट का नाम घोषित होने के साथ ही कांग्रेस की पराजय के लिए साम दाम दंड भेद की राजनीति शुरु हो गई थी।
बीजेपी ने तभी कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द करने की स्क्रिप्ट लिख ली थी। विधायकों की क्रास वोटिंग की बात जानबूझकर फैलाई गई। इससे प्रादेशिक नेता घबरा गए। क्रास वोटिंग की चुनौती से निपटने के लिए वे अपने विधायकों की बाड़ेबंदी में उलझे रहे और इधर बीजेपी ने आपत्ति लगाकर नामांकर निरस्त कराने में कामयाबी हासिल कर ली।
मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त करने के मामले की देशभर में तीव्र प्रतिक्रिया हो रही है। देश के शीर्ष राजनैतिक विश्लेषक योगेंद्र यादव ने भी इसे पूर्णत: गलत और गैरकानूनी बताया है। खास बात यह है कि कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भी उनकी बात का समर्थन करते हुए मीनाक्षी नटराजन का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि मीनाक्षी ने वर्तमान माहौल में भी खुद को पूरी तरह गांधीवादी विचारों में ढाल रखा है।
मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त करने पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि सत्य यही है कि उन पर कोई अपराधिक प्रकरण दर्ज नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि मैं मीनाक्षी को तब से जानता हूं जब वह रतलाम में छात्रा थीं। आज के राजनैतिक माहौल में उनके जैसा कोई नेता नज़र नहीं आता।
योगेंद्र यादवजी @_YogendraYadav मैं आप से पूर्णतः सहमत हूँ। मीनाक्षी नटराजन आज के राजनैतिक परिवेश में एक मात्र नेता है जी कर्म से व्यवहार से आचरण से शुद्ध गांधीवादी है। इस प्रकार की राज नेता का नामांकन पत्र इसलिए ख़ारिज किया गया क्योंकि उन पर कोई “अपराधिक प्रकरण” दर्ज है जिसे उन्होंनें छिपाया।
सत्य क्या है? उन पर कोई अपराधिक प्रकरण दर्ज नहीं है।
मैं मीनाक्षी को तब से जानता हूँ जब वह रतलाम में छात्र थी।
आज के राजनैतिक माहौल में देश में कोई और इस प्रकार का नेता नज़र नहीं आता।
निर्णय लेने वाले रिटर्निंग ऑफ़िसर जिन्होनें मीनाक्षी का नामांकन पत्र रद्द कर घोर अपराध किया है उन्हें तो सेवा से बर्खास्त कर देना चाहिए।