
भोपाल। वरिष्ठ साहित्यकार और रंगकर्मी दिनेश राय का 81 वर्ष की उम्र में सोमवार को निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार थे। कॉलेज के जमाने के मित्र जावेद अख्तर ने उनके निधन पर ट्वीट कर कहा कि मेरा कॉलेज का दोस्त, अच्छा पेंटर, भोपाली तहजीब और परम्परा का एक उदाहरण आज हमारे बीच से चला गया। आज वो भी बिछड़ गया हमसे, चलिए यह किस्सा भी तमाम हुआ।
उनमें हमेशा दूसरों की मदद का जज्बा होता था
फिल्म लेखक और निर्देशक रूमी जाफरी ने बताया कि मैं 19 साल की उम्र में मुंबई पहुंचा था। तब मुझे ये भी नहीं पता था कि वहां कमरा किराए पर कैसे मिलेगा। मैं उन्हें अपने पिता समान मानता था। मैं मदद के लिए उनके पास पहुंचा तो उन्होंने कहा कि मैं दो-तीन महीने में भोपाल जा रहा हूं, तब तक तुम यही रहो। अंतिम दिनों में उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, लेकिन वे इतने खुद्दार थे कि उन्होंने कभी किसी से मदद नहीं मांगी। एक्टर शत्रुघ्न सिन्हा की मल्टी स्टारर फिल्म 'कालका' के लिए पठकथा, संवाद से लेकर गाने तक खुद ही लिखे। एक बार जहांगीर आर्ट गैलेरी में लगी एग्जीबिशन में उनकी पेंटिंग भी शामिल हुई। मैं जावेद साहब के साथ पेंटिंग खरीदने पहुंचा तो उन्होंने कहा कि ये तीन युवा कलाकारों की पेंटिंग नहीं बिकी है। आप लोग इनसे पेंटिंग खरीद लो। उन्होंने अपनी पेंटिंग फ्री में दे दी।
पृथ्वी राज कपूर भी उनके कलेक्शन के कायल बने
साहित्यकार रफी शब्बीर ने बताया कि उन्होंने कई फिल्में और ड्रामे लिखे। प्रेमचंद लिखित नाटक 'गोदान' पर उन्होंने नाटक तैयार किया था। रवीन्द्र भवन के पिछले हिस्से में गांव का स्वरूप तैयार कर मुक्ताकाश रंगमच पर नाटक हुआ। मंच के पास ही बैल और गाय तक बांधी गई। राजीव वर्मा ने उसमें अभिनय किया था। ऐसा नाटक भोपाल में कभी नहीं हुआ। वहीं, टीवी सीरियल 'रजनी' के कई एपिसोड लिखे। टॉम अल्टर और रजा मुराद का सीरियल 'कोर्ट' भी इन्होंने ही लिखा था। पृथ्वी राज कपूर जब भोपाल आए थे तो उनके घर आए। 1955 में उनके हस्ताक्षर वाली किताब आज भी रखी है। भोपाल के विलीनीकरण के समय वीपी मेनन भी भोपाल आए तो उनके घर ही गए थे।