भोपाल

विधायक पार्षद के बीच विवाद के तीसरे दिन नहीं सुलझा मामला, पार्षद ने कहा उनके घर पर हुआ पथराव

डीजीपी से मिलने पहुंची पार्षद, कहा उनके पति को झूठा फंसाया गया
2 min read
• •
Updated: 11 Jul 2018, 8:06 AM IST
shyam
shyam meena

भोपाल. कोलार क्षेत्र में हुजूर विधायक और पार्षद पति के बीच हुए विवाद का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पार्षद मनफूल मीणा ने बताया कि उनके घर रात में पथराव हुआ है। हालांकि पथराव किसने किया इस मामले में पार्षद ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।

मंगलवार को पार्षद मनफूल मीणा डीजीपी से मिलने पहुंची। डीजीपी से उनकी मुलाकत नहीं हो पाई। एडीजीपी को उन्होंने ज्ञापन दिया। ज्ञापन में उन्होंने बताया कि हम लोगों को फंसाने के लिए हमारे पति के खिलाफ झूठी शिकायत कर दी गई। एक साल से विधायक हमारे कामों में जबरिया हस्तक्षेप कर रहे हैं जिससे विकास नहीं हो पा रहा है और जनता बहुत परेशान हैं।

पार्षद निधि के कामों का भूमिपूजन भी स्वयं विधायक करने चले आते हैं। जब इस बात का विरोध किया गया तो पुलिस में 'झूठा प्रकरण दर्ज करा दिया गया। घटना के एक दिन बाद विधायक ने अपने अंगरक्षक को भी भेजकर एफआईआर करवाई जबकि घटना के वक्त पुलिस भी मौजूद थी।

मीना का यह कहना भी था कि विधायक ने उनके साथ भी धक्का-मुक्की की और अपशब्दों का प्रयोग किया। मीडिया से बात करते हुए पार्षद मीना ने कहा कि हमारा परिवार मानसिक रूप से परेशान है। विधायक से हमें खतरा है। हम लोग इतने परेशान हैं कि कुछ भी करने की स्थिति में हैं।

भाजपा कार्यालय भी पहुंची मीना
इस घटना को लेकर विधायक से हुए विवाद की हकीकत बताने के लिए मंगलवार को पार्षद मनफूल मीणा भाजपा कार्यालय पहुंची और प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत से मुलाकात की। भगत को मीना ने विधायक रामेश्वर शर्मा और उनके बीच हुए विवाद का पूरा विवरण दिया। इस मौके पर मीना समाज सेवा संगठन मप्र के संरक्षक लखन सिंह मीना, मंजीत मारण, अशोक मीना, मनफूल मीना, चम्पालाल मीना, झनक मीना, संतोष मीना सहित अन्य मौजूद थे।

एकतरफा निलंबन खत्म हो :

मीना समाज सेवा संगठन ने श्यामसिंह मीना का निलंबन समाप्त करने की मांग भाजपा से की है। इस संबंध में संगठन के प्रदेशाध्यक्ष ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह को चिट्टी लिखी है। प्रदेशाध्यक्ष लालाराम मीना द्वारा लिखी गई चिट्टी में कहा है कि श्यामसिंह मीना भाजपा के पुराने कार्यकर्ता है और समाज में भी इनकी सक्रिय भूमिका रहती है। पूरे मामले में श्याम सिंह मीना को भी उनकी बात कहने का अवसर प्रदान किया जाए और इस एकतरफा निलंबन की कार्रवाई को समाप्त किया जाए। इस बात का समर्थन मीणा समाज शक्ति संगठन के प्रदेशाध्यक्ष एडवोकेट हिम्मत सिंह मीणा ने भी किया। उन्होंने कहा कि समाज में आक्रोश इस बात को लेकर है कि पार्टी ने बिना सुनवाई के कैसे एक तरफा निलंबन की कार्रवाई कर दी।

सभी ने सोशल मीडिया के माध्यम से देखा है कि बदतमीजी किसने की। इसके बाद इस विवाद से समाज को भी जोड़ा जा रहा है। मीना समाज के लिए तो मैंने भी बहुत काम किया है। भाजपा संगठन से लेकर विभिन्न पदों पर मीना समाज का खासा प्रतिनिधित्व है। लेकिन कांग्रेस नेताओं के बहकावे में आकर समाज के कुछ लोग उल्टी-सीधी शिकायतें और बयानबाजी कर रहे हैं। कांग्रेस नेताओं द्वारा समाज को टूल बनाना ठीक नहीं है। व्यक्तिगत स्वार्थों के लिए पूरे समाज का मान गिराना भी ठीक नहीं है। मैं हमेशा मीना समाज के साथ हूं।
- रामेश्वर शर्मा, विधायक हुजूर

Published on: