भोपाल

पढ़ाई छोड़ने के बाद भी हासिल कर सकते हैं मनचाही डिग्री, जानिए कैसे

किसी रेग्युलर डिग्री की तरह डिस्टेंस लर्निंग से आप आगे की पढ़ाई पूरी कर सकते हैंस साथ ही, ये आपके करियर के लिए लाभकारी है।  

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पढ़ाई छोड़ने के बाद भी हासिल कर सकते हैं मनचाही डिग्री, जानिए कैसे

भोपाल/ अकसर लोगों के जीवन में ऐसी परिस्थितियां आ जाती हैं, जिनके कारण वो अपनी पढ़ाई रेग्युलर नहीं रख पाते और लंबे समय के लिए इससे दूर हो जाते हैं, जिसका खामियाज़ा उन्हें भविष्य में नज़र आने लगता है। ऐसे लोगों के लिए डिस्टेंस लर्निंग बहुत फायदेमंद साबित हुई है। इसकी मदद से आप मनचाही पढ़ाई कर सकते हैं। इससे मिलने वाली डिग्री भी रेग्युलर जैसी होती है,जिसका इस्तेमाल आप आगे की पढ़ाई या अपने करियर के लिए कर सकते हैं।

डिस्टेंस लर्निंग से फायदे

डिस्टेंस लर्निंग से आप ग्रेजुएशन और मास्टर्स दोनों ही डिग्रियां हासिल कर सकते हैं। मध्य प्रदेश समेत देश के कई विश्वविद्यालयों में रेग्युलर कोर्स में दाखिले के तामझाम और अड़चनों ने डिस्टेंस लर्निंग को और भी लोकप्रिय बना दिया है। कई संस्थान तो ई-क्लासेस और रेडिमेड स्टडी मेटेरियल के बलबूते पर कोर्स पूरा करने का शॉर्टकट रास्ता भी आजमा रहे हैं। इसकी मदद उन गांवों और कस्बों के छात्रों तक भी शिक्षा पहुंच पा रही है, जहां तक सरकारी विध्यालयों की पहुंच नहीं हैं।

सामान्य से लेकर विशेष कोर्स

डिस्टेंस लर्निंग मोड आमतौर पर स्टूडेंट्स को बीए, बीकॉम,एम जैसे कोर्स कराने का कारगर माध्यम है, जहां प्रैक्टिकल और ऑन हैंड स्किल का काम काफी कम या न के बराबर है। आर्टस और सोशल साइंस में ऑनर्स कोर्स करने के विकल्प डिस्टेंस एजुकेशन में उपलब्ध हैं। वहीं, डिस्टेंस लर्निंग में सबसे ज्यादा तेजी से ग्रोथ करने वाले कोर्सेस मैनेजमेंट से जुड़े होते हैं। तमाम यूनिवर्सिटीज बीबीए और एमबीए के लिए लर्निंग डिस्टेंस कोर्सस चला रही हैं।


इग्नू में हैं ढेरों ऑप्शन्स

इग्नू में प्रैक्टिकल और फील्ड वर्क से जुड़े कोर्सस के अलावा साइंस और मैनेजमेंट से जुड़े कई सारे कोर्सेस में एडमिशन का विकल्प खुला हुआ है। यहां बीए, बीएससी (गणित, भौतिकी, रसायन, बॉटनी, जूलॉजी) के साथ ही बीकॉम में एडमिशन लिया जा सकता है। इसके अलावा मैनेजमेंट फील्ड के लिए बीबीए इन रिटेलिंग, बैचलर ऑफ टूरिज्म स्टडीज, बैचलर ऑफ सोशल वर्क, बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लिकेशन जैसे कोर्सेस भी हैं। साथ ही, वोकेशनल ट्रेनिंग के रूप में सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्सेस भी हैं। यहां बीएड और डिप्लोमा इन एजुकेशन यानि डीएड कोर्स भी अब डिस्टेंस एजुकेशन में शामिल हो गया है।

भारत के प्रमुख डिस्टेंस लर्निंग सेन्टर्स

-महात्मा गांधी हिन्दी अन्तर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय

Published on:
05 Mar 2020 06:01 pm