- आज से लगेगा पंडित धीरेंद्र शास्त्री का दिव्य दरबार- 27 और 28 सितंबर को शहर में दिव्य दरबार- मंगलवार रात को शहर में निकली शोभा यात्रा- शोभा यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
मध्य प्रदेश में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं, ऐसे में प्रदेश के राजनेता जनसमर्थन पाने के लिए चुनावी सभा और रैलियों के साथ साथ कथा और भजन का भी सहारा ले रहे हैं। राजनेता कथाओं के जरिए भीड़ इकट्ठा कर अपने पक्ष में जनसमर्थन बढ़ाने का भी प्रयास कर रहे हैं। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के कई इलाकों में मंगलवार रात को शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को देखने लोगों का जन सैलाब उमड़ पड़ा। शोभा यात्रा के चलते भोपाल के कई इलाकों में लंबा जाम लगा रहा।
शोभायात्रा नरेला विधानसभा में घूमते हुए करीब 1500 स्थानों से गुजरी, जहां पर विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा मंच लगाकर जगह-जगह पंडित थधीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का स्वागत सम्मान किया गया। बता दें पहली बार राजधानी भोपाल में करीब 2 किलोमीटर की लंबी शोभायात्रा निकाली गई है।
आज से शुरु हुआ दो दिवसीय दिव्य दरबार
27 और 28 सितंबर को भोपाल के भानपुर इलाके में स्थित पीपुल्स मॉल के पीछे 55 एकड़ के क्षेत्र में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री हनुमत की कथा शुरु हो गई है। यहां पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का सुबह 10 बजे से दिव्य दरबार भी लग गया है। बता दे देश भर में अपने दिव्य दरबार के लिए धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री मशहूर हो चुके हैं।
अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं पंडित शास्त्री
आपको बता दें कि, बागेश्वर थाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरिंद्र कृष्ण शास्त्री अपने बयानों को लेकर हमेशा सुर्खियों में बने रहते हैं। अभी कुछ समय पहले उन्होंने अपने एक बयान पर माफी और खेद भी व्यक्त किया था। दरअसल उन्होंने भगवान से सहस्त्रबाहु पर विवादित टिप्पणी की थी। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा था कि, यहां यहां पर बहुत से बुद्धि और तर्क के लोग ब्राह्मण और क्षत्रियों में आपस में टकराने के लिए उपाय करते रहते हैं। कहा जाता है कि, 21 बार क्षत्रियों से भूमि विहिन कर दी गई थी। बात मजाक और हंसी की ये है कि, अगर एक बार क्षत्रियों को मार दिया गया तो 20 बार क्षत्रिय कहां से आए। 21वीं बार की जरूरत क्यों पड़ी ? ये क्षत्रिय अचानक से प्रकट
कहां से हो जाते थे। धीरेंद्र शास्त्री के इसी बयान के बाद देशभर में उनका विरोध हुआ था।