भोपाल

पेयजल योजना : डीपीआर को नहीं मिली रेलवे से अनुमति

5 किमी का फेरा लगाकर डालनी होगी सप्लाई लाइन
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Updated: 22 Apr 2018, 10:01 PM IST
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भोपाल/मंडीदीप। रेलवे स्टेशन रोड के बाद अब मुख्यमंत्री पेयजल योजना की डीपीआर तैयार करने में नगर पालिका की एक और गड़बडी की बात सामने आ रही है। दरअसल पेयजल योजना के तहत नगर पालिका को दाहोद डैम से पानी लिफ्ट करके रॉयल पार्क सिटी के पास से मंडीदीप लाना है। इसके लिए डीपीआर में कंटेनर डिपो के पास पाइप लाइन को रेलवे ट्रैक के नीचे से डाला जाना दिखाया गया है, लेकिन रेलवे ने तकनीकी कारणों से नगर पालिका को यहां से लाइन डालने की अनुमति नहीं दी है।

अब नगर पालिका को दूसरे स्थान से करीब पांच किमी का चक्कर लगाकर पाइप लाइन डालनी होगी। इसके चलते योजना के लिए पूर्व से तय राशि 15.55 करोड़ के अतिरिक्त एक करोड़ रुपए का भुगतान ठेकेदार को करना होगा। नगर पालिका द्वारा पेयजल योजना की जो डीपीआर तैयार की गई है उसके तहत दाहोद से मंडीदीप तक करीब 13 किमी पाइप लाइन डाली जानी थी, लेकिन अब नपा को पांच किमी अतिरिक्त पाइप लाइन डालकर पानी दाहोद से मंडीदीप लाना पड़ेगा। इससे जहां नपा को आर्थिक नुकसान होगा, वहीं योजना को पूरा होने में भी और ज्यादा समय लगेगा।

गुणवत्ता का ध्यान नहीं
पेयजल योजना की निर्माण एजेंसी पांडा टेक्नोलॉजी इंडिया प्रा. लि. द्वारा पाइप लाइन डालने में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। ठेकेदार द्वारा मुख्य सप्लाई लाइन को नाली खोदकर डाल दी गई है। विशेषज्ञों की माने तो लाइन डालने से पहले जमीन पर सीमेंट कंक्रीट का बेस बनाया जाना चाहिए था। इससे पानी के प्रेशर से लाइन फूटने का खतरा कम हो जाता है।

कार्रवाई की जानी चाहिए
नपा अधिकारी जनप्रतिनिधियों को गुमराह करके योजना तैयार कर लेते हैं। बाद में तकनीकी कर्मियों के चलते इसका खामीयाजा निकाय को अतिरिक्त राशि चुकाना पड़ता है। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
-पूर्णिमा राजा जैन, पूर्व नपा अध्यक्ष

एक करोड़ की राशि अतिरिक्त खर्च होगी
पेयजल योजना की पाइप लाइन डालने चिह्नित किए गए स्थान की अनुमति रेलवे द्वारा नहीं दी गई है। अब पांच किमी अतिरिक्त लाइन डालनी पड़ेगी। इस पर करीब एक करोड़ की राशि अतिरिक्त खर्च होगी।
-राजेश श्रीवास्तव, नपा सीएमओ

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