सीडीएस रावत की भतीजी बांधवी ने उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी, नेशनल रायफल शूटिंग चैंपियनशिप में आठ गाेल्ड मेडल जीत लिए
मुकेश विश्वकर्मा भाेपाल. सीडीएस बिपिन रावत की भतीजी बांधवी सिंह ने उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी है. बांधवी ने हेलिकाप्टर क्रैश में बुआ-फूफा को खोने के बाद गुरुवार को कमाल का प्रदर्शन करते हुए नेशनल रायफल शूटिंग चैंपियनशिप में आठ गाेल्ड मेडल जीत लिए। बाद में बांधवी ने अपने सभी स्वर्णपदक फूफा सीडीएस बिपिन रावत को समर्पित कर दिए .
जब पूरा देश सीडीएस रावत की मौत के गम में डूबा था तब भोपाल में उनकी भतीजी बांधवी को इसका पता भी नहीं था. दरअसल वह यहां चल रही नेशनल रायफल शूटिंग में व्यस्त थी. बांधवी ने गुरुवार को एक साथ कई स्वर्णपदक अपने नाम कर लिए. इसके बाद ही कोचों और अधिकारियों ने उन्हें सीडीएस के हादसे की जानकारी दी. 21 साल की बांधवी सिंह को जब बुआ-फूफा मधुलिका रावत और सीडीएस बिपिन रावत के निधन की सूचना दी गई तो उनकी आंखों से आंसू बह निकले.
खेल विभाग और सेना की मदद से उन्हें सेना के विशेष विमान से दिल्ली भेजा गया. बांधवी ने ये गोल्ड मेडल अपने फूफाजी को समर्पित कर दिए हैं. बांधवी सिंह बिपिन रावत की सगी भतीजी हैं. बांधवी ने चेंपियनशिप में चार मेडल टीम और चार मेडल इंडीविजुअल्स इवेंट में जीते हैं। वे सीनियर वर्ग में नेशनल चैंपियन बनीं और साथ ही जूनियर में नेशनल रिकाॅर्ड भी बनाया।
राेने लगीं बांधवी
मप्र राज्य शूटिंग अकादमी में प्रशिक्षण लेनेवाली बांधवी बुधवार को हादसा होने के समय अपने इवेंट की तैयारी में लगी थीं. चेंपियनशिप के दौरान प्लेयर्स को मोबाइल आदि नहीं दिए जाते इसलिए उन्हें हादसे का पता नहीं चला. गुरुवार को हुए फाइनल इवेंट में उन्होंने कमाल करते हुए 8 पदक जीते. मेडल जीतने और इस उपलब्धि के बाद उन्हें हादसे की जानकारी दी गई. बुआ—फूफाजी की मौत की खबर सुनकर बांधवी राेने लगी थीं। मेडल जीतने के बाद कोच और अन्य लोगों ने उनकी बहादुरी पर गर्व जताया.