
शिवमंगल सिंह, शहडोल. वनांचल में महुए का सीजन है। आदिवासी समुदाय के लिए महुआ आजीविका का मुख्य साधन है। शहडोल लोकसभा क्षेत्र में कुछ मुद्दे ऐसे हैं, जो ग्रामीण और शहरी मतदाताओं को बराबर प्रभावित कर रहे हैं। हमने बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के घुनघुटी रेंज में मालाचुआ के आसपास बसे गांवों के लोगों के मन को टटोला। मालाचुआ परियोजना के कांचोदर से शहडोल सांसद ज्ञान सिंह का गांव भी बहुत दूर नहीं है। कांचोदर तक सड़क अच्छी है, लेकिन परिवहन का साधन जीप और तूफान वाहन ही हैं। यहां भाजपा ने हिमाद्री सिंह और कांग्रेस ने प्रमिला सिंह को प्रत्याशी बनाया है। दोनों ने कुछ माह पूर्व पार्टियां बदली हैं।
राज जायसवाल और संतराम बैगा का कहना है कि पानी और स्वास्थ्य मुख्य मुद्दा है। आप ही देख लीजिए स्वास्थ्य केंद्र पर हमेशा ताला लटका रहता है। एक आशा कार्यकर्ता नियुक्त है, लेकिन वह भी शहडोल में रहती है। जब उसकी मर्जी होती है तब आती हैं। परिवहन का हाल तो आप देख ही रहे हैं, 12 सीटर जीप में 30 से 35 लोग बैठकर सफर करते हैं। कांचोदर से आगे बढ़े तो पनवारी गांव में गोवर्धन बैगा और कौशल्या ने बताया कि खेतों की सिंचाई के लिए पानी मिलने लगे तो हम अपने खेतों में सब्जी-भाजी उगाने लगें, जिससे गरीबी दूर हो। अभी तो हम महुआ बेचकर ही पेट पाल रहे हैं। घुनघुटी के बैजनाथ बैगा ने बताया कि किसानों की कर्जमाफी योजना और न्याय योजना की चर्चा है। शाहपुर निवासी गिरिजा प्रसाद कहते हैं कि बिजली कटौती फिर से शुरू हो गई है।
- खेतों की प्लाटिंग करने को मजबूर किसान
हमारी मुलाकात शहडोल-डिंडोरी हाइवे किनारे बसे गांव फतेहपुर के ए. बसंत राव से हुई। राव बोले- किसान खेती छोड़ता जा रहा है। सिंचाई के लिए पानी नहीं है। केलमनिया बांध सफल नहीं हुआ। शहडोल के आसपास बसे गांव फतेहपुर-पचगांव, झगरहा आदि में लोगों ने उपजाऊ खेतों की प्लाटिंग कर दी। झगरहा निवासी अजय जायसवाल कहते हैं कि बेरोजगारी बहुत है। लोग पलायन कर रहे हैं। यही बात एमएससी की छात्रा ममता केवट, उम्मे खैर, जयप्रकाश राठौर और रामदुलारे सिंह ने भी कही। मोहिउद्दीन और सिंहपुर निवासी सलीम अहमद कहते हैं कि अल्पसंख्यक समुदाय के मुद्दे बाकी लोगों से अलग नहीं हैं।
- क्षेत्रीय और जातिगत मुद्दे
बेरोजगारी। सिंचाई और पीने के लिए पानी की कमी।
व्यापारी वर्ग को मुम्बई और नागपुर के लिए ट्रेन चाहिए।
स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार हो। मेडिकल कॉलेज भवन बन चुका है, लेकिन मान्यता न मिलने के कारण शुरू नहीं हुआ है।
- आदिवासी और ओबीसी वोट निर्णायक
शहडोल लोकसभा क्षेत्र में आठ विधानसभा सीटें हैं। आदिवासी और ओबीसी वोट निर्णायक भूमिका निभाते हैं। यहां गोंड जनजाति के लगभग चार लाख वोट हैं। इसके अलावा बैगा और कोल जनजातियों के भी एक-एक लाख से भी अधिक वोट हैं। ओबीसी के लगभग पौने चार लाख वोटर हैं। इसके बाद ब्राह्मणों के लगभग दो लाख वोट हैं।
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मेरी प्राथमिकता आदिवासी अंचल के बेरोजगारों को रोजगार मुहैया कराना है। नागपुर व मुम्बई के लिए सीधी ट्रेन, किसानों को खेती किसानी के लिए भरपूर पानी और लोगों को शिक्षा व स्वास्थ्य की सुविधाओं को विस्तार करना मेरी प्राथमिकता में शामिल है।
- प्रमिला सिंह, कांग्रेस प्रत्याशी
सबका साथ सबका विकास के साथ शहडोल संसदीय क्षेत्र में जन कल्याण और राष्ट्रवाद भारत का विकास करना और मेरा लक्ष्य है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में समृद्धशाली भारत देश बनाना है। साथ ही विकास के मुद्दों पर मैं हमेशा जनता के साथ हूं।
- हिमाद्री सिंह, भाजपा प्रत्याशी
- मतदाताओं का गणित
कुल मतदाता-1646230
पुरुष मतदाता- 843476
महिला मतदाता- 802732
अन्य-22
- पिछले चुनाव परिणाम
वर्ष 2016 (उपचुनाव)
भाजपा - 481398
कांग्रेस - 421015
- वर्ष 2014
भाजपा-525419, वोट प्रतिशत
कांग्रेस-284118, वोट प्रतिशत
- वर्ष 2009
भाजपा-250019, वोट प्रतिशत
कांग्रेस-263434, वोट प्रतिशत
वर्ष 2004
भाजपा- 210034, वोट प्रतिशत
कांग्रेस-180685, वोट प्रतिशत
वर्ष 1999
भाजपा- 262229, वोट प्रतिशत
कांग्रेस-242328, वोट प्रतिशत
वर्ष 1998
भाजपा- 296764, वोट प्रतिशत
कांग्रेस-257030, वोट प्रतिशत