
Bhopal news: एमपी में भोपाल शहर के बीएचईएल में कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) से जुड़ी वैधानिक वेतन सीमा में बड़ा बदलाव किया गया है। अब 25 हजार रुपए प्रतिमाह तक वेतन पाने वाले पात्र कर्मचारियों को कर्मचारी भविष्य निधि के दायरे में शामिल किए जाने का रास्ता साफ हो गया है। इससे पहले वैधानिक वेतन सीमा 15 हजार रुपए प्रतिमाह थी। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा 17 सितंबर को जारी राजपत्र अधिसूचना के बाद भेल मुख्यालय ने सभी इकाइयों, प्रभागों, क्षेत्रों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। भेल के मानव संसाधन विभाग ने 30 सितंबर को पत्र जारी कर सभी इकाइयों के मानव संसाधन प्रमुखों को नई व्यवस्था की जानकारी दी है।
अधिसूचना के तहत सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के अध्याय-3 में निर्धारित वैधानिक वेतन सीमा को 15 हजार से बढ़ाकर 25 हजार प्रतिमाह किया गया है। लागू होने से 25 हजार रुपए तक वेतन प्राप्त करने वाले पात्र कर्मचारियों के लिए ईपीएफ के दायरे में आने का अवसर बढ़ेगा। इससे कम वेतन पाने वाले कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा का दायरा भी विस्तृत होने की संभावना है।
बीएचईएल मुख्यालय की ओर से जारी पत्र में अधिसूचना की प्रति इकाइयों, प्रभागों और क्षेत्रों को कार्रवाई के लिए भेजी गई है। साथ ही कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की ओर से इस संबंध में जारी प्रश्नोत्तर संबंधी जानकारी भी सभी इकाइयों को उपलब्ध कराई गई है। नई वैधानिक सीमा से बीएचईएल की विभिन्न इकाइयों में 25 हजार रुपए तक वेतन पाने वाले पात्र कर्मचारियों के ईपीएफ कवरेज को लेकर प्रक्रिया में बदलाव की जमीन तैयार हो गई है। यह कदम कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हमारी मांग हायर पेंशन ईपीएफ-95 की है। जितना हमारा बेसिक है उसमें से ईपीएफ की कटौती होनी चाहिए। 15 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपए का दायरा करने से भी सभी कर्मचारियों को लाभ होगा। - सत्येंद्र कुमार, अध्यक्ष, ऐबू, निफ्टू यूनियन भेल
इस बढ़ती हुई महंगाई में प्रदेश में काम करने वाले श्रमिकों और मजदूरों का न्यूनतन बेसिक 26000 रुपए होना चाहिए, जिससे वे अपने परिवार का पालन पोषण आसानी से कर सकें।- दीपक गुप्ता, कार्यकारी महासचिव, सीटू यूनियन