
परिवहन विभाग एवं नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने बैंक प्रबंधन से 29 फरवरी से पहले केवाईसी अपडेट का आग्रह किया था। पहले के फास्टैग नंबर, आधार कार्ड एवं वाहन नंबर से अटैच नहीं किए गए थे। यह केवल बैंक खाता नंबर के आधार पर संचालित हो रहे थे जिन्हें टोल पर स्कैन कर खाते से राशि काटी जाती थी, परची पर वाहन नंबर मेनुअल दर्ज होता था। एक ही कार्ड के इस्तेमाल कई वाहनों पर करने से विवाद की स्थिति बन रही थी।
पहले से जारी फास्टैग को केवाईसी अपडेट करने के लिए आप अपने बैंकिंग एंड्रॉयड एह्रिश्वलकेशन का इस्तेमाल कर सकते हैं। काडज़् को स्कैन े के बाद अपना आधार काडज़् बैंक खाता नंबर हित वाहन नंबर दजज़् करते ही बैंक द्वारा आपके फास्ट टैग को केवाईसी अपडेट कर दिया जाएगा।
राजधानी में 5 लाख से ज्यादा कार्ड सक्रिय
भोपाल जिले में 18 लाख 50 हज़ार वाहन रजिस्टडज़् है जिनमें से चार पहिया पैसेंजर वाहनों की संख्या लगभग 7 लाख है। शहर में लगभग 5 लाख फास्टैग सक्रिय हैं जबकि अन्य जिलों एवं राज्यों के वाहनों की संख्या मिलकर लगभग 15 लाख फास्टैग भोपाल संभाग में इस समय इस्तेमाल किए जा रहे हैं। मध्य प्रदेश में लगभग हर सातवें बैंक खाते से एक फास्टैग कार्ड एक्टिवेट किया हुआ है।