
Major Hamza Arif - राजस्थान के जैसलमेर में गुरुवार देर रात हादसे में मृत सेना के मेजर हमजा आरिफ का अंतिम संस्कार आज इंदौर में होगा। रविवार को सुबह से ही इसकी तैयारियां शुरु हो चुकी हैं। मेजर हमजा आरिफ के पार्थिव शरीर को पहले महू लगाया गया था जहां से सुबह इंदौर लाया गया। सैफी नगर की बोहरा मस्जिद में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। 9 बजे की नमाज के बाद मेजर हमजा आरिफ को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। सेना के अफसर और जवान गार्ड ऑफ ऑनर देंगे। इस बीच 32 वर्षीय मेजर हमजा आरिफ की शादी पर अलग अलग बातें सामने आई हैं। पिता ने जहां उनकी शादी से साफ इंकार किया है वहीं सोशल मीडिया पर उनके विवाहित होने की खबर फैल रही है।
बताया जा रहा है कि मेजर हमजा आरिफ को इमली बाजार कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। वहां रविवार को सुबह से इसकी तैयारियां चल रहीं हैं। सैन्य अफसर शनिवार को दिवंगत मेजर हमजा आरिफ के घर पहुंचे। परिवार व बोहरा समाज के सदस्यों से बात की। सांत्वना भी दी।
दिवंगत मेजर हमजा आरिफ के पार्थिव शरीर को जैसलमेर से शनिवार को महू पहुंचाया गया। वहां मरच्युरी में रखा गया। सैन्य क्षेत्र होने से यहां किसी को भी प्रवेश नहीं दिया गया और न ही किसी को वीडियो बनाने दिया गया।
परिजनों के अनुसार इंदौर में मेजर हमजा आरिफ के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि देने के लिए रविवार को सुबह 9.30 बजे तक रखा जाएगा। इसके बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा।
सोशल मीडिया पर बात फैली कि एक माह पहले मेजर हमजा आरिफ ने मुंबई में रहने वाली पायलट से शादी की थी। मेजर के एक्सीडेंट की सूचना पर कथित पत्नी भी जैसलमेर पहुंची। समाजजनों और पिता फकरूद्दीन हमजा ने मेजर हमजा आरिफ की शादी से स्पष्ट इनकार किया है। उनका कहना है, समाज में शादी होती तो मस्जिद में रजिस्टर्ड होती। ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं मिला है।
बता दें कि गुरुवार रात करीब 12.30 बजे जैसलमेर से करीब 18 किमी दूर थईयात आर्मी एरिया में हादसे में मेजर हमजा आरिफ की मौत हो गई थी। वे टाटा सफारी से अपने साथियों के साथ ड्यूटी पूरी कर आर्मी स्टेशन लौट रहे थे तभी अचानक एक ऊंट सामने आ गया। भीषण टक्कर के बाद टाटा सफारी कई बार पलटी। हादसे में ऊंट की भी मौत हो गई।