भोपाल

बेटों से परेशान पिता, कराना चाहते हैं घर खाली

Apr 13, 2025
Feature image

भोपाल.
जिन बेटों को बुढापे की लाठी मानकर पाला वे पिता के लिए बोझ व परेशानी का सबब बन गए। बेटों को घर से बाहर निकलवाने पिता को एसडीएम तक शिकायत कर कोर्ट कचहरी करना पड़ी। गोविंदपुरा नजूल एसडीएम रवीश श्रीवास्तव की कोर्ट में दो ऐसे आदेश जारी किए, जिनमें पिता के भरण पोषण के लिए बेटों को प्रतिमाह 1000-1000 रुपए देने के निर्देश दिए। घर के मामले में जिला अदालत में जाने का सुझाव दिया।

ऐसे समझे…इसलिए बेटों को बेदखली चाहते हैं पिता
1- मोहन रैकवार 63 वर्षीय है। शिवनगर कॉलोनी भानपुर में निवास करते हैं। बड़ा बेटे रवि विवाहित है ओर उसकी तीन बेटियां है। इसे रैकवार ने मकान में एक कमरा रहने के लिए दिया हुआ है। पिता रिटायर है, बेटा भरण पोषण नहीं देता। बीमार मां के इलाज में भी मदद नहीं करता। आवेदक पिता मोहन रैकवार का कहना है कि बेटा व उसकी पत्नी हमें गालियां देते हैं, मारपीट करते है। जान से मारने की धमकी भी देते हैं। सुनवाई के बाद एसडीएम ने माता-पिता से नरम रवैया रखने, घर की जिम्मेदारी संभालने के साथ ही हर माह पिता के बैंक खाते में 1000 रुपए भुगतान के निर्देश दिए। बीमार छोटे भाई के इलाज में भी मदद करने के निर्देश दिए।

2- आवेदक फूलसिंह माली। पुरूषोत्तम नगर सेमरा चांदबड़ में मकान है। दो बेटे नरेंद्र व विजय माली के साथ में रहते हैं। यहीं इनकी दो दुकानें है। दोनों पुत्र हाडवेयर का काम करते हैं। बड़े बेटे पर आरोप लगाया कि वह विवाद करता है। उन्हें गालियां देता है। बेटे से घर खाली कराने की मांग की। एसडीएम कोर्ट में पिता की मंशा के अनुसार बड़े बेटे ने घर खाली करने पर सहमति दी। वास्तव में पिता बड़े बेटे नरेंद्र से बेहद परेशान है और घर खाली कराना चाहते हैं। निर्णय में दोनों बेटों को हर माह पिता के बैंक खाते में एक से दस तारीख तक एक-एक हजार रुपए की राशि जमा करने का कहा गया।

Updated on:
13 Apr 2025 11:21 am
Published on:
13 Apr 2025 11:21 am