भोपाल

21 नदियों का पवित्र जल लेकर एमपी से पहली सोमनाथ यात्रा पर शुरु, सीएम मोहन ने किया रवाना

Somnath Swabhiman Yatra : एमपी से पहली बार 'सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा' आज राजधानी के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से रवाना हुई। सीएम मोहन यादव ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते हुए यात्रा का शुभारंभ किया।

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एमपी से पहली बार 'सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा' शुरु (Photo Source- Input)

Somnath Swabhiman Yatra :मध्य प्रदेश से पहली बार 'सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा' गुरुवार 7 मई 2026 को राजधानी भोपाल में स्थित रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से रवाना हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते हुए इस धार्मिक यात्रा का शुभारंभ किया है। आपको बता दें कि, इस यात्रा के लिए प्रदेशभर से 1100 श्रद्धालु शामिल हुए हैं। जो दो कलशों में 21 नदियों का पवित्र जल लेकर लेकर सोमनाथ मंदिर के लिए रवाना हुए हैं। इसी जल से भगवान सोमनाथ का अभिषेक किया जाएगा।

मुख्यमंत्री मोहन यादव रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-1 पर ट्रेन के माध्यम से सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना कर दिया है। संस्कृति विभाग द्वारा ये गौरवशाली यात्रा 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के तहत निकाली जा रही है।

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इसलिए निकाली जा रही यात्रा

भारत की सांस्कृतिक चेतना, आस्था और राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक सोमनाथ स्वाभिमान पर्व - 2026 (8 से 11 जनवरी 2026) का शुभारंभ ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर से किया गया है। इस पर्व में एमपी से श्रद्धालु भी शामिल हो रहे हैं।

भोपाल और उज्जैन से भी जुड़ेंगे श्रद्धालु

एमपी से पहली बार 'सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा' शुरु (Photo Source- Input)

प्रदेश से पहली बार निकलने वाली इस विशेष यात्रा में विभिन्न अंचलों से 1100 श्रद्धालुओं का दल शामिल हुआ है। ये ट्रेन रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से शुरु होकर भोपाल और उज्जैन रेलवे स्टेशन पहुंचेगी, जहां से सैकड़ों की संख्या में अन्य तीर्थयात्री यात्रा में शामिल होंगे। इसके बाद ये सभी सोमनाथ की ओर प्रस्थान करेंगे। यात्रा के दौरान श्रद्धालु सोमनाथ की पावन धरा पर आयोजित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, दर्शन और आध्यात्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता भी करेंगे।

21 नदियों के पवित्र जल से होगा सोमनाथ का जलाभिषेक

इस यात्रा में महिला और पुरुष दोनों वर्ग के श्रृद्धालु शामिल हुए हैं। यात्रा के पहले पूरे मंत्रोच्चार के विधि विधान से प्रकिया हुई। इस दौरान सीएम मोहन ने महिला श्रद्धालुओं को 21 नदियों से भरा पवित्र जल भरे कलश भेंट किए, जिससे भगवान सोमनाथ का जलाभिषेक किया जाएगा।

रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर हुआ कार्यक्रम

एमपी से पहली बार 'सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा' शुरु (Photo Source- Input)

प्रदेश के तीर्थयात्रियों के लिए 7 मई का दिन यादगार बन गया। सैकड़ों तीर्थयात्री बाबा सोमनाथ के दर्शन के लिए रवाना हो गए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से 'सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा' के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने देश की प्रमुख 21 नदियों के जल कलशों का भी पूजन अर्चन किया। इस दौरान उन्होंने लोगों के मन में उत्साह भरा और बाबा सोमनाथ को नमन किया।

पीएम मोदी के नेतृत्व में विरासत से विकास की यात्रा प्रारंभ

इस दौरान अपने संबोधन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि, सिंधु जिनके चरण पखारता है, मस्तक पर जिनके चंद्र देव बिराजे हैं, अक्षय स्वाभिमान के ज्योतिर्लिंग, भगवान सोमनाथ के चरणों में कोटि-कोटि वंदन। सोमनाथ का संबंध देश के स्वाभिमान के साथ है। द्वारकाधीश भगवान श्री कृष्ण ने जब अधर्म के खिलाफ लड़ाई लड़ी, तब पूरा समय चक्र ही बदल गया। हम सभी जानते हैं कि, एक हजार साल पहले भारत को काली छाया का ग्रहण लग गया था। उस समय बाबा सोमनाथ ने इस ग्रहण को नष्ट किया था। सोमनाथ हमारे विकास का पर्याय भी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विरासत से विकास की यात्रा प्रारंभ हुई।

गंगोत्री से गंगा सागर तक बिखर रहा आनंद

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि, हमारी सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर, रेल, पुल, पुलिया, सड़क, नगर, कारखाने के साथ-साथ सनातन संस्कृति को भी लेकर चल रही है। इस सनातन संस्कृति पर हमें गर्व है। प्रधानमंत्री मोदी के मन में भी सनातन धर्म के साथ सबको लेकर चलने की भावना है। ये भावना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। हमें अयोध्या और मथुरा में जो आनंद आता है, वही आनंद पश्चिम बंगाल के काली घाट पर आता है। आज भगवान की दया से गंगोत्री से गंगा सागर तक आनंद बिखर रहा है। लोकतंत्र की नई बयार पूरे देश को उत्साह-उमंग से भर रही है।

हमले के बाद भी लहराती रही सनातन संस्कृति की ध्वजा

सीएम यादव ने लोगों से कहा कि, इस यात्रा के जरिये आपको बाबा सोमनाथ के दर्शन का लाभ मिलेगा। मेरी ओर से सभी यात्रियों को बधाई। वहीं, पास में चार पीठों में से एक द्वारका पीठ भी है। यहां भगवान कृष्ण ने लीलाएं कर हमारे हृदय में छवि बनाई। सोमनाथ मंदिर पर दुश्मनों ने 17 बार आक्रमण किए थे। लेकिन, हमारी सनातन संस्कृति की ध्वजा लहराती रही। एक हजार साल बाद सोमनाथ का शिखर आसमान से बात कर रहा है। दुश्मन लाख चाहे तो क्या होता है, वही होता है जो बाबा सोमनाथ चाहें। उन्होंने तीर्थयात्रियों से कहा कि, आप बाबा सोमनाथ से आशीर्वाद लेना कि दुनिया में चारों ओर खुशहाली हो। ये सांस्कृतिक जागरण राष्ट्रीय एकता को और सुदृढ़ करे। उन्होंने कहा कि, जीवन भी एक यात्रा है। जीवन की इस यात्रा में हम आते हैं और शरीर छोड़ते हैं। लेकिन, इस बीच परमात्मा ने हमें जो मौका दिया, इसका उपयोग हम परोपकार में करें।

देवलोक बनने से बदल जाती है अर्थव्यवस्था

सीएम डॉ. यादव ने कहा कि, राज्य सरकार ने धार्मिक स्थानों पर हेलीकॉप्टर सेवा भी शुरू की है। हमारी सरकार कई देवलोक बनवा रही है। महाकाल लोक बनने के बाद आर्थिक रूप से पूरा इको-सिस्टम बदल गया। साल 2022 से पहले उज्जैन में एक साल में 25-30 हजार लोग आते थे, आज रोज डेढ़ लाख लोग दर्शन करने उज्जैन आ रहे हैं। इस तरह पूरा माहौल बदल रहा है। उन्होंने कहा कि, इस तरह के देवलोक बनने के बाद होटल वालों, ठेले वालों, ऑटो वालों, दुकान वालों के जीवन में बदलाव आता है। भारतवासी जब एक-दूसरे के क्षेत्र में जाते हैं, तो एक-दूसरे को अपनी-अपनी संस्कृति से परिचित कराते हैं। इससे आंतरिक एकता का निर्माण होता है। यही एकता एकात्मवाद में परिवर्तित होती है। मेरी अपनी ओर से सभी तीर्थयात्रियों को बधाई।

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Updated on:
07 May 2026 01:59 pm
Published on:
07 May 2026 12:03 pm
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