भोपाल

Flood In MP: भारी बारिश से नर्मदा खतरे के निशान पर, 7 जिलों में अलर्ट, स्कूलों में छुट्टी घोषित

मध्यप्रदेश में सरकार ने अलर्ट जारी किया...। लोगों से खतरे से दूर रहने की अपील की...।

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Aug 16, 2022

भोपाल। मध्यप्रदेश में पिछले तीन दिनों से लगातार भारी बारिश (heavy rain) के चलते नदी-नाले उफान पर चल रहे हैं। प्रदेश के सभी डैम पूरे भर गए हैं। बरगी, तवा और बारना डैम के गेट खुलने से नर्मदा नदी (narmada river) खतरे के निशान पर पहुंच गई है। इधर, प्रदेश में आसमानी आफत के बाद मंगलवार को कई जिलों में स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है।

मध्यप्रदेश में भारी बारिश का दौर है। प्रदेश की सबसे बड़ी नर्मदा नदी खतरे के निशान पर पहुंच गई है। यह स्थिति तब बनी है जब इटारसी के पास स्थित तवा डैम, रायसेन जिले के बारना डैम और जबलपुर के बरगी डैम को छोड़ दिया गया है। नर्मदा नदी से लगे 7 जिलों को अलर्ट (alert) घोषित कर दिया गया है।

सरकार भी अलर्ट, लोगों से की सतर्क रहने की अपील

मुख्यमंत्री ने ट्वीट के जरिए कहा कि आज प्रात: कमिश्नर नर्मदापुरम, कलेक्टर नर्मदापुरम रायसेन, विदिशा, भोपाल, सीहोर से फोन पर आवश्यक निर्देश दिए हैं। लगातार बारिश के कारण बरगी, बारना, तवा डैम के गेट खोलने के कारण नर्मदा नदी का जल स्तर बढ़ा है। हम डैम से रेगुलेट कर पानी छोड़ रहे हैं, जिससे कोई अप्रिय स्थिति ना बने।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लगातार हो रही वर्षा से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की और निरंतर स्टेट सिचुएशन रूम के संपर्क में हूं। आज प्रात: मुख्य सचिव, एसीएस राजेश राजौरा सहित संबंधित जिलों के कलेक्टर्स से फोन पर चर्चा की है।

सीएम ने कहा कि मेरी सभी नागरिकों से अपील है कि ज़िला प्रशासन के द्वारा जिन निचली बसाहट के गांवों और बस्तियों को ख़ाली कर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जाये, उसका पालन अवश्य करें।

नर्मदापुरम और जबलपुर संभाग में लगातार तेज बारिश के कारण नर्मदा और बेतवा में जलस्तर बढ़ रहा है। हम निरंतर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बांधों में जलभराव की स्थिति की समीक्षा कर नियंत्रित तरीक़े से गेट खोलकर नर्मदा और बेतवा के जलस्तर को सामान्य रखने का प्रयास कर रहे हैं।

बरगी के 13 गेट खोले, 7 जिलों में अलर्ट

प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह राजेश राजौरा के मुताबिक भोपाल संभाग, नर्मदापुरम संभाग और जबलपुर संभाग के सभी ज़िलों तथा गुना, शिवपुरी, सागर और देवास में अधिक वर्षा और आगामी 24 घण्टों में सम्भावित वर्षा को दृष्टिगत रखते हुए बरगी डैम (bargi dam) के 21 में से 13 गेट (3000 cumecs डिस्चार्ज) आज 3 बजे खोल दिए गए हैं। विगत 2 दिन के अंतराल में ही मंडला, डिंडोरी तथा अन्य ज़िलों में अत्यधिक बारिश से बरगी डैम 57% से 89% भर गया था। तवा डैम के 13 में से 13 गेट (8610 cumecs डिस्चार्ज) और बारना के 8 में से 6 गेट (1700 cumecs डिस्चार्ज) पहले से चालू हैं। उक्त बाँधों के डिस्चार्ज से तथा नर्मदा बेसिन में हो रही तेज बारिश के कारण नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ने की आगामी 24 से 36 घण्टों में स्थिति निर्मित होने की संभावनाएं हैं। इसके दृष्टिगत होशंगाबाद, हरदा, नरसिंहपुर, देवास, रायसेन, सिहोर, बड़वानी ज़िलों को पर्याप्त सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

स्कूलों में छुट्टी घोषित

लगातार बारिश से कई जिलों के स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। इन जिलों में निचली बस्तियों में पानी भर गया है। जिन स्कूलों में मंगलवार को छुट्टी घोषित की गई है उनमें भोपाल, विदिशा, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन और राजगढ़ में स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है। शिक्षकों की छुट्टी नहीं की गई है।

भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने अभी और बारिश की चेतावनी जारी की है। इंदौर और उज्जैन संभागों के लिए भी ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। मौसम विभाग ने कहा है कि भारी बारिश की संभावनाएं हैं। लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई है।

मंदसौर का पशुपतिनाथ मंदिर जलमग्न

मंदसौर जिले से गुजरी शिवना नदी में भी लगातार बारिश के बाद बाढ़ आ गई है। शिवना नदी के किनारे पशुपतिनाथ मंदिर में पानी घुस गया है और शिवलिंग जलमग्न हो गया है। गौरतलब है कि हर साल शिवना नदी में बाढ़ के कारण पानी शिवलिंग तक पहुंच जाता है। यहां दो-तीन दिन पानी रहने के बाद पानी उतर जाता है।

बेतवा में भी बाढ़

विदिशा में लगातार बारिश से बेतवा नदी उफान पर आ गई है। निचली बस्तियों में पानी भर गया है। कुछ गांवों का सड़क संपर्क भी बाढ़ के कारण टूट गया है। प्रशासन ने पूरे जिले में अलर्ट घोषित किया है। विदिशा शहर में भी बेतवा का पानी घुस गया है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को बुलाया गया है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन अलर्ट हो गया है।

भोपाल में भारी बारिश

इधर, राजधानी भोपाल में भारी बारिश के चलते बड़ा तालाब लबालब हो गया है। इसके लिए भदभदा डैम के गेट खोले गए हैं, वहीं कलियासोत डैम भी भर जाने के कारण इसे भी खोल दिया गया है। वहीं केरवा और कोलार डैम भी थोड़े-तोड़े समय के लिए खोले जा रहे हैं। यह पानी बेतवा नदी में जाने से बेतवा नदी भी खतरे के निशान से उपर पहुंच गई है।

क्षिप्रा का भी जल स्तर बढ़ा

इधर, उज्जैन से खबर है कि इंदौर और उज्जैन में हो रही भारी बारिश के चलते उज्जैन की क्षिप्रा नदी का जल स्तर बढ़ गया है। पिछले दो दिन से लगातार यह जल स्तर बढ़ रहा है। प्रशासन अलर्ट मोड़ पर है। निचली बस्तियों में लगातार पानी बढ़ रहा है। लोगों को उपरी इलाकों में पहुंचाया गया है। प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।

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Updated on:
16 Aug 2022 05:49 pm
Published on:
16 Aug 2022 09:02 am
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