
Ajay Vishnoi- एमपी में जहां राज्य सरकार रिकॉर्ड गेहूं खरीदी का दावा कर रही है वहीं सत्ताधारी पार्टी के ही नेता इसपर सवाल उठा रहे हैं। प्रदेश के पूर्व मंत्री, बीजेपी के वरिष्ठ नेता व जबलपुर के विधायक अजय विश्नोई ने गेहूं खरीदी पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि किसान कुंडी खटखटाते रहे और स्लॉट का दरवाजा ही नहीं खुला। विश्नोई ने यह बात सोशल मीडिया पर कही। भाजपा विधायक ने जबलपुर पत्रिका में प्रकाशित एक खबर को साझा करते हुए ये बातें कहीं।
पंजीयन कराने के बावजूद 4.63 लाख किसान गेहूं बेचने नहीं पहुंचे
असल में रबी सीजन 2026-27 में गेहूं बेचने 19.04 लाख किसानों ने पंजीयन कराया था लेकिन 28 मई शाम तक 13.41 लाख किसानों ने ही गेहूं बेचा। इस तरह हर जिले में किसान पंजीयन कराने के बावजूद 4.63 लाख किसान गेहूं बेचने नहीं पहुंचे। जबकि इन किसानों ने चक्कर काटकर पंजीयन कराया था। ये गेहूं भी बेचना चाहते थे।
जबलपुर में भी यही हुआ, जिले में 51 हजार किसानों ने पंजीयन कराया था। इनमें से 16 हजार किसानों ने गेहूं नहीं बेचा। इस संबंध में बीजेपी के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री व जबलपुर के विधायक अजय विश्नोई ने सोमवार दोपहर पोस्ट की।
बारदाना खरीदी में तथाकथित गड़बड़ी रुकवाने वाले भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री अजय विश्नोई ने गेहूं खरीदी पर तंज किया। विश्नोई ने अपने एक्स हेंडल पर साफ शब्दों में लिखा:
'किसान कुंडी खटखटाते रहे, स्लॉट का दरवाजा ही नहीं खुला'
इस बीच एमपी ने इस वर्ष गेहूं उपार्जन में नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। प्रदेश में किसानों से अब तक रिकॉर्ड 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में एक वीडियो संदेश में बताया कि किसानों की संख्या के मामले में मध्यप्रदेश देश का अग्रणी राज्य बन चुका है। प्रदेश में इस वर्ष गेहूं की पैदावार भी बढ़ी है। देश में सर्वाधिक गेहूं उत्पादन वाले राज्यों में पंजाब के बाद मध्यप्रदेश दूसरे स्थान पर है।
राज्य में इस बार 2585 रुपए न्यूनतम समर्थन मूल्य के साथ गेहूं किसानों को प्रति क्विंटल 40 रुपए बोनस का लाभ भी दिया गया है। इस प्रकार किसानों को 2625 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं का भुगतान किया। सीएम मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सर्वाधिक लंबे समय तक गेहूं खरीद की व्यवस्था लागू करने वाला एकमात्र राज्य है।