भोपाल

शहर में फाउंटेन के नाम पर बर्बादी न म्यूजिक बचा न ही फव्वारे

"नीलम पार्क से इसकी शुरुआत हुई। यहां म्यूजिकल फाउंटेन लगा। इसके बाद शहर में कई और स्थानों पर ऐसे स्ट्रक्चर तो खड़े कर दिए गए लेकिन ज्यादातर स्थानों पर यह खराब हो चुके हैं।"
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Sep 13, 2021
शहर में फाउंटेन के नाम पर बर्बादी न म्यूजिक बचा न ही फव्वारे
शहर में फाउंटेन के नाम पर बर्बादी न म्यूजिक बचा न ही फव्वारे

भोपाल. शहर की खूबसूरती को बढ़ाने के लिए बीते कुछ सालों में शहर में कई प्रयोग हुए। इनमें ज्यादातर स्थानों पर फाउंटेन का सहारा लिया गया। नीलम पार्क से इसकी शुरुआत हुई। यहां म्यूजिकल फाउंटेन लगा। इसके बाद शहर में कई और स्थानों पर ऐसे स्ट्रक्चर तो खड़े कर दिए गए लेकिन ज्यादातर स्थानों पर यह खराब हो चुके हैं। देखरेख के अभाव में करोड़ों रुपए की बर्बादी हुई है।
स्मार्ट सिटी के तहत शहर में कई स्थानों पर काम चल रहे हैं। कई चौराहों पर वर्टिकल गार्डन बनाए गए थे। इनकी देखरेख न होने के कारण अधिकांश पौधे नष्ट हो गए। इन्हें बचाने की बजाय नए तैयार किए जा रहे हैं। यही हाल फाउंटेन को लेकर भी है। शहर के पहले म्यूजिकल फाउंटेन की शुरुआत नगर निगम ने 2012 में की थी। नीलम पार्क में करीब दो करोड़ रुपए खर्च कर इसे तैयार किया गया। पांच सौ दर्शकों की क्षमता थी लेकिन अब यहां पूरा हिस्सा कबाड़ हो गया।
अवधपुरी क्षेत्र में भी खूबसूरती के फाउंटेन बने हैं। यहां बरसात का पानी भरा हुआ है। लोगों ने बताया कि इन्हें कभी चलते हुए नहीं देखा। ऐसे में पूरी व्यवस्था ही फेल है। इन पर जो पैसा खर्च हुआ वह बर्बाद हो गया। कुछ ऐसे ही हाल स्टेशन रोड के बीच में बने है। यहां खूबसूरत फाउंटेन केवल शोपीस है। इनका निर्माण सीपीए ने कराया था।

बड़े तालाब का प्रयोग भी ठप
फाउंटेन के मामले में नगर निगम के सभी प्रयोग लगभग फेल रहे। बड़े तालाब पर एक फाउंटेन का निर्माण किया गया। इसे चलाया भी गया। लेकिन तालाब सूखने के बाद यह ठप हो गया।

जल्द सुधार होगा

शहर में सुधार के लिए जो भी काम हुए हैं उनकी देखरेख के लिए अमला तैनात हुआ है। जल्द सुधार कार्य शुरू होगा। कुछ जगहों पर एजेंसियां तय की गई हैं। जो व्यवस्था देख रही हैं।
प्रेमशंकर शुक्ला, प्रवक्ता नगर निगम

Updated on:
13 Sept 2021 12:12 am
Published on:
13 Sept 2021 12:12 am