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भोपाल में रिटायर्ड IAS अधिकारी की हत्या के बाद बढ़ी चिंता, घर में केयरटेकर रखने से पहले कराएं 7 जांच

Bhopal Retired IAS Officer Murder: भोपाल में बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। रिटायर्ड अधिकारियों के घर हुई वारदातों के बाद केयरटेकर और घरेलू कर्मचारियों के पुलिस वेरिफिकेशन पर सवाल उठे हैं।
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भोपाल

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Akash Dewani

•

Oct 01, 2026

Bhopal Retired IAS Officer Murder raised concerns over caretaker agencies

Bhopal Retired IAS Officer Murder: केयरटेकर एजेंसियों को लेकर भोपाल कमिश्नर के सख्त निर्देश (फोटो सोर्स- Patrika/Rakesh Agarwal Facebook)

(भोपाल से सुमित यादव की रिपोर्ट)

Bhopal Retired IAS Officer Murder case: रिटायरमेंट के बाद बुजुर्ग पति-पत्नी का सबसे बड़ा सहारा उनके बच्चे होते हैं। लेकिन जब बेटा-बेटी नौकरी के कारण दूसरे शहर या विदेश में रहने लगें तो बुजुर्गों की देखभाल की जिम्मेदारी किसकी होगी…? इसी मजबूरी में कई परिवार घर में केयरटेकर रखते हैं। लेकिन सवाल यह है कि अगर इसी भरोसे का लिबास पहनकर कोई अपराधी घर में दाखिल हो जाए तो जिम्मेदारी किसकी है। भोपाल में एक सप्ताह के भीतर बुजुर्गों से जुड़ी दो गंभीर वारदातों ने इस चिंता को और बढ़ा दिया है। एक ओर सूरज नगर में रिटायर्ड आइएएस अधिकारी की हत्या हुई, तो दूसरी ओर अवधपुरी में रिटायर्ड अधिकारी पर घर में घुसकर हमला कर लूट की कोशिश की गई। दोनों घटनाओं ने अकेले रहने वाले बुजुर्गों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

तीन वारदातों से समझिए खतरा

वारदात-1 : मंगलवार रात सूरज नगर में 70 वर्षीय रिटायर्ड आइएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या की गई। प्रारंभिक जांच में पुलिस की नजर घर में काम करने वाले केयरटेकर पर है। बताया जा रहा है कि वह घटना से कुछ दिन पहले ही काम पर आया था।

वारदात-2 : 25 सितंबर को अवधपुरी में 71 वर्षीय रिटायर्ड खनन अधिकारी मोहन चौधरी में वारदात। बदमाशों ने लूट की कोशिश की।

वारदात-3 : पांच महीने पहले हबीबगंज थाना क्षेत्र की अरेरा कॉलोनी में एक पूर्व अधिकारी के घर काम करने वाले केयरटेकर ने अधिकारी को धमकी दी थी।

थानों में वेरिफिकेशन के आंकड़े क्या कहते हैं

कोलार: दो महीने में करीब 450 वेरिफिकेशन।
अशोका गार्डन: करीब 115 आवेदन।
गोविंदपुरा: दो महीने में करीब 200 वेरिफिकेशन।
बागसेवनिया: छह महीने में करीब 400 और सालभर में करीब 1000 आवेदन।
हबीबगंज: छह महीने में 500 से ज्यादा वेरिफिकेशन।
टीटी नगर: किराएदारों के 124 वेरिफिकेशन, जबकि केयरटेकर का सिर्फ 1 आवेदन।

केयरटेकर रखने से पहले 7 जांच

  1. पुलिस वेरिफिकेशन: नाम-पता पुलिस रिकॉर्ड में जरूर जांचें।
  2. पहचान पत्र: आधार, वोटर आईडी और स्थायी पते की कॉपी रखें।
  3. पुराने नियोक्ता से बात: पहले कहां काम किया और क्यों छोड़ा, इसकी जानकारी लें।
  4. पता जांचें: बताए गए पते की स्थानीय स्तर पर भी पुष्टि करें।
  5. परिवार की जानकारी: परिजनों के मोबाइल नंबर रिकॉर्ड में रखें।

6.फोटो और मोबाइल नंबर: हाल की फोटो और संपर्क नंबर सुरक्षित रखें।

  1. सत्यापन के बाद एंट्री: परिचित या एजेंसी की सिफारिश पर भी बिना जांच घर में प्रवेश न दें।

सभी थानों को सत्यापन को लेकर निर्देश जारी- कमिश्नर

सभी थानों को किराएदारों और कर्मचारियों के सत्यापन को लेकर विशेष निर्देश दिए गए हैं। जिन थाना क्षेत्रों में किराएदार और कर्मचारियों की संख्या अधिक है, वहां लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। नियमों का पालन नहीं करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। - संजय कुमार, पुलिस कमिश्नर