Four officers suspended - मध्यप्रदेश में इन दिनों अधिकारियों, कर्मचारियों के कामकाज पर कड़ी नजर रखी जा रही है। जरा सी लापरवाही भी बर्दाश्त नहीं की जा रही।
Four officers suspended - मध्यप्रदेश में इन दिनों अधिकारियों, कर्मचारियों के कामकाज पर कड़ी नजर रखी जा रही है। जरा सी लापरवाही भी बर्दाश्त नहीं की जा रही। ऐसे में कुछ अधिकारियों ने निर्वाचन से संबंधित अहम कार्य में सुस्ती दिखा दी जोकि उन्हें बहुत भारी पड़ गई। नरेला विधानसभा में फोटो निर्वाचक नामावली के विवरणों का 2023 की मतदाता सूची से मिलान करने में घोर लापरवाही पाई गई। इस पर चार बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) को सस्पेंड कर दिया गया है। चारों अधिकारियों का निलंबन आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। कलेक्टर कौशलेेंद्र विक्रम सिंह ने ये कार्रवाई की है। उन्होंने मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम 1966 के नियम-10 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 13 क के तहत यह सख्त कदम उठाया।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्रदेश में संक्षिप्त पुनरीक्षण 2025 के अंतिम प्रकाशन के लिए कवायद चल रही है। 2023 की मतदाता सूची से मिलान कर फोटो निर्वाचक नामावली के विवरणों का पुनरीक्षण किया जाना है।
नरेला विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 151 में इस काम में लापरवाही पाई गई। इसपर चार बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) को निलंबित कर दिया गया। इनमें सहायक ग्रेड-3, संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, मतदान केंद्र-33 शेरसिंह शिकवार, एफईडब्ल्यू, संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, मतदान केंद्र-277 विवेकानंद मुखजी, यूआईटीआरजीपीवी, भोपाल, मतदान केंद्र-73 शंभू सिंह रघुवंशी और प्रशिक्षण अधिकारी, आईटीआई गोविन्दपुरा, मतदान केंद्र-314 रोशनी प्रजापति शामिल हैं।
अनुविभागीय अधिकारी एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी रवीश श्रीवास्तव ने चारों अधिकारियों का निलंबन प्रस्ताव भेजा था। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने प्रस्ताव पर बीएलओ को निलंबित कर दिया। इसी के साथ सभी बीएलओ और बीएलओ सुपरवाइजरों को निर्वाचन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही की स्थिति में कठोर कार्रवाई की चेतावनी भी दी।