
Bhopal news:एमपी के भोपाल शहर में फुटपाथी दुकानदार से लेकर पांच सितारा होटल तक में लोगों को अमानक खानपान दिया जा रहा है। खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम लगातार जांच व सैंपलिंग कर रही, लेकिन बीते दो साल में कोई बड़ा जुर्माना, किसी कारोबारी व्यवसायी को जेल नहीं हुई। हाल में दस होटल्स के किचन में गंदगी, एक्सपायरी सामान का वेज-नॉनवेज साथ रखने की स्थिति बनी। नोटिस जारी किए, लेकिन इन्हें सील नहीं किया गया। इससे पहले भी शहर की 20 बड़ी होटल्स के किचन गंदे व फंगस, चूहा, कॉकरोच मिले थे, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
-नियमित जांचों तथा विशेष अभियानों के दौरान 100 प्रकरण दर्ज किए गए।
-बड़े रेस्टोरेंट और पब पर चलाए गए संयुक्त अभियान में ही 90 प्रकरण दर्ज किए गए थे।
-म्यूनिसिपल कोर्ट ने जरूर ऑन स्पॉट 5.80 लाख का जुर्माना वसूला।
-मावा, पनीर, घी, तेल, दूध और अन्य खाद्य सामग्रियों के 1,000 से अधिक नमूने लेकर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गए। जब्ती, प्रकरण के बाद जा व जुर्माने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
-20 क्विटल से संदिग्ध मावा, 500 किलो पनीर और एक्सपायरी/दूषित सामग्री जब्त व नष्ट कराई गई।
-खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत खाद्य पदार्थों में मिलावट, अस्वच्छता और नियमों के उल्लंघन की गंभीरता के आधार पर जुर्माने तथा जेल दोनों के प्रावधान हैं। बिना एफएसएसएआइ लाइसेंस व्यापार चलाने पर 6 महीने तक की जेल और 5 लाख रुपए तक का जुर्माना है।
-असुरक्षित खाद्य की बिक्री पर छह महीने तक जेल व एक लाख रुपए तक का जुर्माना।
-असुरक्षित खाद्य की बिक्री व साधारण शारीरिक नुकसान पर एक साल की जेल व तीन लाख रुपए तक का जुर्माना।
जिला नियंत्रक खाद्य सुरक्षा पंकज श्रीवास्तव के अनुसार विशेष अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। हाल में टॉप क्लास 10 से अधिक होटलों में छापामार कार्रवाई की है। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिवराज पावक के अनुसार खाद्य कारोबार के लिए स्टेट लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन और सेंट्रल लाइसेंस की व्यवस्था है।
आवासीय में व्यवसायिक गतिविधि मामले में नगर निगम ने साक्षी ढाबा को सील किया था। इसमें व्यवसायिक गतिविधि संचालित नहीं करने को लेकर निर्देश दिए थे, बावजूद इसके दो दिन पहले खाद्य सुरक्षा की टीम ने यहां जांच में होटल का संचालन पाया।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने सोमवार को होटल रंजीत लेक व्यू, बाबू की कुटिया व सागर गैरे रेस्टोरेंट की जांच की। माता मंदिर क्षेत्र के सागर गहरी रेस्टोरेंट में मिलावट की आशंका से काली मिर्च की जांच की तो इसमें पपीते के बीज पाए गए। यहां पर फरारी सफेद पाउडर पैक मिसब्रांडेड मिला। इनका नमूना लिया गया।
-रंजीत लेक व्यू पर फ्राइंग कढ़ाई काली होने, ड्रेनेज सिस्टम ठीक नहीं होने, खुले डस्टबिन की स्थिति मिली। इन्हें नोटिस देकर सुधार का कहा गया।
-बापू की कुटिया में लाइसेंस का प्रमुख स्थान पर प्रदर्शन नहीं करना, वर्करों के मेडिकल फिटनेस संबंधी अभिलेख उपलब्ध नहीं होने, प्रशिक्षण प्रमाण पत्र नहीं होने, खाद्य प्रयोगशाला की रिपोर्ट नहीं मिलना समेत पानी की टंकी की सफाई संबंधी रिकॉर्ड नहीं मिले। यहां से घी, लाल कलर की ग्रेवी के सैंपल लिए।