
Twisha Sharma Case: भोपाल में मॉडल-एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में सास पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई की गिरफ़्त में हैं। अधिकारी उनसे लगातार पूछताछ कर रहे हैं। ट्विशा के पति और केस में मुख्य आरोपी समर्थ सिंह से भी सवाल जवाब किए जा रहे हैं। सीबीआइ क्राइम सीन के रीक्रिएशन की तैयारी में भी जुटी हुई है। गिरिबाला सिंह की गिरफ़्तारी के 48 घंटे से ज्यादा होने के बाद भी वे उपभोक्ता फोरम की जज बनी हुई हैं। उपभोक्ता फोरम ने अब तक उन पर कार्रवाई नहीं की जिस पर सवाल उठ रहे हैं। मामले में प्रदेश के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के मंत्री ने भी सफाई दी है। इस बीच अपनी बहू ट्विशा शर्मा द्वारा आत्महत्या कर लिए जाने पर गिरिबाला सिंह का बयान सामने आया है। सीबीआई अधिकारियों के सामने उन्होंने कहा कि हो सकता है कि डिप्रेशन की वजह से ट्विशा ने यह कदम उठा लिया।
गिरफ़्तारी के 48 घंटे से ज्यादा होने के बाद भी गिरिबाला सिंह के उपभोक्ता फोरम की जज बने रहने का मामला तूल पकड़ गया है। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग का कहना है कि आयोग अध्यक्ष को हटाने की सीधी कार्रवाई का प्रावधान नहीं है। दोषी ठहराए जाने के बाद ही उन्हें पद से हटाया जा सकता है।
विवाद पर प्रदेश के खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने भी स्पष्टीकरण दिया। उनका कहना है कि विभाग ने जांच के लिए पहले ही लिख दिया है। सीबीआइ रिमांड में रहने पर क्या कार्रवाई होगी, आयोग ही बताएगा।
पूर्व जज गिरिबाला सिंह अपने ऊपर लगे तमाम आरोपों को नकार रही हैं। उनका साफ कहना है सभी आरोप पूरी तरह निराधार हैं। हालांकि सीबीआई की पूछताछ में गिरिबाला सिंह ने बहू ट्विशा द्वारा आत्महत्या करने की वजह जरूर बताई है। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने ट्विशा की मानसिक स्थिति को इसके लिए जिम्मेदार बताया।
सास गिरिबाला सिंह ने सीबीआई अधिकारियों के समक्ष आशंका जताई कि डिप्रेशन के कारण ट्विशा ने आत्मघाती कदम उठाया। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि गर्भपात के बाद अवसाद में आ जाने की वजह से ट्विशा टूट गई और जिंदगी खत्म करने का फैसला ले लिया।