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एमपी में सड़क से हटेंगे 10 लाख मवेशी! NHAI की याचिका पर SC का बड़ा फैसला

Shelters To Be Built For Cattle In MP : विशेष बेंच बनाएगी देश की शीर्ष अदालत, निराश्रित मवेशियों के लिए शेल्टर बनाने के आदेश के ख़िलाफ़ NHAI की याचिका पर सुनवाई
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सुप्रीम कोर्ट (फोटो- ANI)

MP Cattle News : सड़क पर पसरे निराश्रित मवेशियों के लिए शेल्टर बनाने के आदेश के ख़िलाफ़ नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया NHAI की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई के लिए SC विशेष बेंच बनाने की बात कही। सुप्रीम कोर्ट पहले ही निराश्रित मवेशियों के लिए शेल्टर बनाने की बात कह चुकी है। इससे केवल मध्यप्रदेश में ही सड़क से करीब 10 लाख मवेशी हट जाएंगे। हालांकि NHAI की ओर से सॉलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि हम पूरे देश में यह काम नहीं कर सकते।

मध्यप्रदेश में सड़कों पर बैठने या घूमने वाले बेसहारा पशुओं की संख्या लाखों में है। सरकारी और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह आंकड़ा करीब 9 से 10 लाख अनुमानित है। आधिकारिक पशुधन गणना (2019) मध्यप्रदेश में करीब 8 लाख से ज्यादा निराश्रित मवेशी दर्ज किए गए थे। 20वीं पशुधन गणना के अनुसार, प्रदेश में कुल 853971 बेसहारा मवे​शी थे जोकि 2012 की तुलना में काफी अधिक थे।

मध्यप्रदेश में सड़कों पर बैठे पशुओं के कारण आए दिन गंभीर दुर्घटनाएं होती हैं। इन्हें रोकने के लिए जहां राज्य सरकार गौशालाओं के निर्माण, अनुदान (40 रुपए प्रतिदिन प्रति गाय) और विशेष कार्ययोजनाओं पर काम कर रही है वहीं एनएचएआई पर भी इसकी जिम्मेदारी की बात कही जा रही है।

10 लाख निराश्रित पशुओं की सुरक्षा के साथ ही एक्सीडेंट में कमी आने की बात भी सुनिश्चित

सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (NHAI) को देशभर में बेसहारा मवेशियों के लिए शेल्टर होम बनाने का निर्देश दिया था। इसके बाद मध्यप्रदेश के 10 लाख निराश्रित पशुओं की सुरक्षा के साथ ही रोड एक्सीडेंट में कमी आने की बात भी सुनिश्चित हो गई थी।

शेल्टर बनाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को चुनौती

इधर NHAI ने कहा है कि इस काम पर लगभग 7000 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। अथॉरिटी के अनुसार मवेशियों के लिए यह ज़िला-स्तरीय प्रशासन को करना चाहिए। NHAI ने मध्यप्रदेश सहित देश भर में मवेशियों के लिए शेल्टर बनाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को चुनौती दी। याचिका पर सुनवाई के लिए शीर्ष अदालत एक विशेष बेंच बनाने पर सहमत हो गई है।

अथॉरिटी की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच से आग्रह किया कि जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली एक विशेष बेंच इस मामले को देखे, क्योंकि ये शेल्टर स्थानीय अधिकारियों को बनाने हैं। उन्होंने कहा कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (NHAI) को देश भर में बेसहारा मवेशियों के लिए शेल्टर होम बनाने का निर्देश दिया गया था। सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि अथॉरिटी के अनुसार इसपर 7000 करोड़ रुपए का खर्च आएगा।

स्थानीय ज़िला-स्तरीय प्रशासन को करना चाहिए यह काम

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट से कहा कि हमारा पक्ष यह है कि यह काम स्थानीय ज़िला-स्तरीय प्रशासन को करना चाहिए। हम इसे पूरे देश में नहीं कर सकते। उन्होंने NHAI की याचिका पर सुनवाई के लिए जस्टिस नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया वाली विशेष बेंच के पुनर्गठन की भी मांग की।