
रोड सेफ्टी प्लान, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- magnific)
Bhopal news: सड़क हादसों में होने वाली मौतों को रोकने के लिए मध्यप्रदेश के सभी 55 जिलों में तैयार किए गए रोड सेफ्टी एक्शन प्लान को अब प्राथमिकता से लागू किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट कमेटी द्वारा चयनित जीरो फैटेलिटी जिलों में इस योजना के तहत सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु को शून्य करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए हाई एक्सीडेंट डेंसिटी कॉरिडोर और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। योजना में दुर्घटना संभावित स्थलों यानी ब्लैक स्पॉट को स्थायी रूप से दुरुस्त करने और खतरनाक हिस्सों का सुधार शामिल है।
इसके अलावा संकेतक, रोड मार्किंग और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, हेलमेट व सीट बेल्ट के इस्तेमाल को बढ़ावा देने, अवैध पार्किंग और अतिक्रमण हटाने तथा सड़कों से बेसहारा मवेशियों को हटाने पर भी जोर दिया जाएगा। दुर्घटना के बाद घायलों को तत्काल एंबुलेंस और चिकित्सा सहायता भी योजना का हिस्सा है। वहीं बारिश से खस्तहाल सड़कों को लेकर सड़क निगम ने सख्ती दिखाई है। विभागों को 30 सितंबर तक मरम्मत के निर्देश दिए। पीडब्ल्यूडी ने मरम्मत के लिए अक्टूबर की समयसीमा तय की है।
सड़क सुरक्षा कार्यों की निगरानी के लिए 'मार्गदर्शक' डैशबोर्ड विकसित किया गया है। वहीं भारतीय सड़क कांग्रेस के मानकों के अनुरूप प्रत्येक जिले में 'सेफ स्कूल जोन' और 'मॉडल जंक्शन' विकसित करने के प्रस्ताव भी मुख्यालय भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार ने शुरुआती चरण में इस कार्यक्रम के तहत प्रदेश के 6 जिलों का चयन किया था। अब इनमें 3 नए प्रमुख शहरों को जोड़ा गया है। पहले से चयनित 6 जिलों में धार, सागर, सतना, रीवा, जबलपुर और खरगोन थे। नए शामिल किए 3 जिलों में भोपाल, इंदौर और उज्जैन को शामिल किया है। इन जिलों का चयन पिछले 5 वर्षों के सड़क दुर्घटना और मृत्यु दर के आंकड़ों के विस्तृत विश्लेषण के आधार पर किया गया है। यहां रोड सेफ्टी के नए एक्शन प्लान से जीरो फैटेलिटी की दिशा में कार्य किया जाएगा। वहीं एक अन्य नवाचार के रूप में वाहनों की बीमा पॉलिसी अनिवार्य करने के लिए प्रदेश में 'नो इंश्योरेंस, नो फ्यूल' का पायलट प्रोजेक्ट भी शुरू हो सकता है।
सड़क के गड्ढे भी प्रदेश में हादसों और मौतों की बड़ी वजह बने हुए हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021 में 711 गड्डों से जुड़े हादसों में 220 लोगों की मौत हुई। वर्ष 2022 में 759 हादसों में 199 और 2023 में 1205 गल्हों से जुड़े हादसों में 177 लोगों ने जान गंवाई। वर्ष 2024 और 2025 में भी गड्ढों से हादसों का सिलसिला जारी रहा। ऐसे में जीरो फैटेलिटी प्लान के तहत सड़क के गड्डों और अन्य खतरनाक हिस्सों को समय पर दुरुस्त करना अहम चुनौती होगी। वहीं पाथ होल भरने को लेकर विभागों की उदासीनता लोगों पर भारी पड़ रही हैं।
Updated on:
21 Sept 2026 08:48 am
Published on:
21 Sept 2026 08:48 am
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