
Silent Killer Of Eyes: 50 की उम्र के बाद होने वाला काला पानी यानी ग्लूकोमा अब युवाओं को भी अपनी चपेट में ले रहा है। उनकी आंखों के सामने अंधेरा छा रहा है। सिर्फ एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में ही आने वाले मरीजों में 40 फीसदी की उम्र 40 साल से कम है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि चश्मे का नंबर बार-बार बदल रहा है। आंखों में खुजली और आंसू आने के साथ सिरदर्द की समस्या है तो जांच जरूर कराएं।
राजधानी भोपाल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. एसएस कुबरे ने बताया, यह रोग आंखों के लिए साइलेंट किलर है। आधे मरीजों में रोशनी खोने व बहुत कम होने पर इसका पता लगता है। सतर्क रहें। यह बीमारी धीरे-धीरे आंखों की रोशनी छीन लेती है।
● बिना सलाह आइ ड्रॉप लेना और खराब जीवनशैली से बढ़ रही बीमारी।
● 75% मामलों में समय पर इलाज से रोशनी बचाई जा सकती है।
● अंधेपन के मामलों में 51% वजह मोतियाबिंद।
● विटामिन, मिनरल्स, प्रोटीन फूड्स से मिलेगा आंखों को पोषण