मंत्री की बैठक में कई खामियों का खुलासा, आधा दर्जन विभाग भी नक्शे से गायब। सुल्तानिया अस्पताल की शिफ्टिंग के कारण बी ब्लॉक में तोड़फोड़ हो रही है।
भोपाल.हमीदिया अस्पताल के नए भवन का बी ब्लॉक लगभग तैयार है। इसे मार्च में गांधी मेडिकल कॉलेज को सौपने की तैयारी है। लेकिन निर्माण इसमें ओपीडी ब्लॉक ही बनाना भूल गई। इस गलती का खुलासा दो दिन पहले समीक्षा बैठक में हुआ। चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने अफसरों से ओपीडी ब्लॉक की जानकारी मांगी तो जीएमसी, हमीदिया और पीआईयू के अफसर बंगले झांकने लगे। इस पर नाराज मंत्री ने जमकर फटकार लगाई।
अब ब्लॉक बी के पीछे खाली जमीन पर ओपीडी बनाने की तैयारी की जा रही है। जबकि नए भवन का काम पहले से ही पिछड़ा हुआ है अब इसमें और समय लगेगा। 12 मंजिला नए भवन में 249.6 करोड़ की लागत से ए और बी दो ब्लॉक बनाए जा रहे हैं।
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प्लान में मर्च्यूरी भी नहीं
नए भवन में मर्च्यूरी को भी जगह नहीं दी गई है। जबकि मौजूदा मर्च्यूरी में सिर्फ आठ शव को रखने की व्यवस्था है। नया अस्पताल बनने के बाद 25 शव की क्षमता वाली अत्याधुनिक मर्च्यूरी की जरूरत होगी। मेडिको लीगल संस्थान के डाइरेक्टर डॉ अशोक शर्मा ने बताया कि वे इस संबंध में कई पत्र लिख चुके हैं। लेकिन कोई जबाब नहीं मिला है।
ये विभाग भी नहीं
2016 में बने प्लान में नेत्र रोग और टीबी चैस्ट विभाग भी नहीं था। नेत्र विभाग के अधिकारी इसे कमला नेहरू अस्पताल शिफ्ट करने को तैयार नहीं हैं। वही टीबी एवं चैस्ट विभाग को ईदगाह हिल्स शिफ्ट किया जाना है।
डॉक्टरों के आदेश पर तोड़फोड़
पिछले दिनों सुल्तानियां अस्पताल को हमीदिया के बी ब्लॉक में शिफ्ट किए जाने के फैसले के बाद अब इसके तीसरे माले पर तोड़फोड़ करनी पड़ रही है। डॉक्टरों ने तीसरी माले पर तैयार बार्ड की दीवारों पर टाइल्स लगाने, नर्सिंग स्टेशन और टॉयलेट बनाने का फरमान जारी कर दिया है।