Health news: प्रदेश के बड़े जिलों में टीबी मरीजों की संख्या लगातार बढऩे और 2030 में टीबी को जड़ से समाप्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने यह कदम उठाया है।
Health news: अब कृत्रिम बुद्धिमता (एआइ) बताएगा कि खांसी और सीने में दर्द से पीड़ित व्यक्ति को टीबी है या नहीं। इसके लिए लोगों को एक्स-रे कराने के लिए अब अस्पताल में घंटों कतार में खड़े होने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि यह सेवा घर बैठे ही मिलेगी। इतना ही नहीं, फेफड़े के एक्स-रे के साथ झट से उसकी रिपोर्ट भी मिल जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने घर-घर जाकर एआइ युक्त हैंड होल्ड एक्स-रे मशीन से टीबी की जांच करने का निर्णय लिया है।
\इस मशीन को आसानी से कहीं भी ले जाया जा सकता है। भोपाल सहित प्रदेश के बड़े जिलों में टीबी मरीजों की संख्या लगातार बढऩे और 2030 में टीबी को जड़ से समाप्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने यह कदम उठाया है। जिले में वर्ष 2024 में जहां 12,818 मरीज मिले थे। 2025 में यह संख्या बढ़कर 13,224 हो गई। देश में टीबी मरीजों की संख्या के मामले में मप्र तीसरे स्थान पर है। 2025 में स्वास्थ्य विभाग ने 1.52 लाख टीबी मरीजों को चिन्हित किया और करीब 12 प्रतिशत मरीज नहीं मिले।
लक्षण दिखने पर अब तक लोगों जांच के लिए टीबी केन्द्र जाना पड़ता है। देखने के बाद डॉक्टर एक्स रे कराने की सलाह देते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में एक्स रे की सुविधा नहीं होने पर मरीज अक्सर इलाज ही शुरू नहीं कराजे हैं। इससे मर्ज बढ़ जाता है। अब स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर मरीजों की जांच करेंगे और पांच मिनट में एक्स-रे रिपोर्ट भी देंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह शिविर लगाए जाएंगे। इस मशीन को आइसीएमआर ने तैयार किया है। 54 हजार लोगों का एक्स-रे करके इस एआइ युक्त डीपसीएक्सआर वी 1.1 मशीन का ट्रायल किया गया। 99 प्रतिशत केस में सटीक रिपोर्ट आई।
टीबी की जांच और इलाज जितनी जल्दी शुरू हो, उतना अच्छा। इस मशीन से संदिग्ध मरीजों व बच्चों में टीबी-निमोनिया शुरू में ही पकड़ में आएगी। गे। इससे उपचार जल्दी शुरू होगा और जल्द ही मरीज ठीक होंगे। डॉ. लोकेंद्र दवे, अधीक्षक, आरआइआरडी
हमारा लक्ष्य 2030 तक टीबी को पूरी तरह खत्म करना है। प्रदेश में सुविधाएं बढऩे के साथ मरीजों की संख्या लगातार कम हो रही है। हैंड होल्ड मशीनों से एक्स-रे करने का बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जाएगा।- डॉ. रूबी खान, राज्य क्षय अधिकारी
भोपाल -13224
इंदौर- 10093
बड़वानी- 2285
धार- 4877
भिंड - 3065
देवास- 2314
दमोह- 3904