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1 अप्रैल से ‘2606 लोकेशन’ पर बढ़ेंगे जमीनों के रेट, 162 कॉलोनियां भी शामिल

Property Guideline: नई दरें लागू होने के बाद जमीन और मकानों की रजिस्ट्री कराने वाले लोगों को उसी के अनुसार शुल्क देना होगा।
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इंदौर

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Astha Awasthi

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Updated: 31 Mar 2026, 10:42 AM IST

Property Guideline

Property Guideline प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- freepik)

Property Guideline:मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में प्रॉपर्टी की नई गाइडलाइन 1 अप्रेल से लागू होगी। जिले की 2606 लोकेशन पर दरों में वृद्धि की गई है, जिसमें सबसे ज्यादा बढ़ोतरी इंदौर-3 क्षेत्र में हुई है। जिले में वर्तमान में 4840 लोकेशन पर संपंत्तियों का पंजीयन होता है। इनमें से करीब 46 प्रतिशत यानी 2606 लोकेशन पर दरें बढ़ाने का प्रस्ताव मंजूर हुआ है। नई दरों में 10 से लेकर 300 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होगी।

नई कॉलोनियां भी शामिल

नई गाइडलाइन में 162 नई कॉलोनियों को भी शामिल किया गया है। इन कॉलोनियों को जोड़ने से शहर के नए विकसित क्षेत्रों में प्रॉपर्टी पंजीयन की प्रक्रिया को औपचारिक रूप से शामिल किया जा सकेगा। इससे उन इलाकों में संपत्तियों की खरीद-बिक्री और रजिस्ट्री कराने में लोगों को सुविधा मिलेगी। प्रशासन का कहना है कि गाइडलाइन दरों में बदलाव से राजस्व में भी वृद्धि होगी और संपत्तियों के वास्तविक बाजार मूल्य के अनुरूप रजिस्ट्री हो सकेगी। नई दरें लागू होने के बाद जमीन और मकानों की रजिस्ट्री कराने वाले लोगों को उसी के अनुसार शुल्क देना होगा।

इन लोकेशन में बढ़े रेट

गाइडलाइन बढ़ोतरी में इस बार इंदौर-3 सबसे आगे रहा, जहां 676 लोकेशन पर दरें बढ़ाई गई हैं। इसके बाद सांवेर (440 लोकेशन), महू (517 लोकेशन) और इंदौर-4 (365 लोकेशन) है। सबसे कम बढ़ोतरी देपालपुर क्षेत्र में हुई है, जहां केवल 100 लोकेशन को शामिल किया गया है। हालांकि कुल लोकेशन की संख्या के हिसाब से इंदौर-2 सबसे बड़ा (957 लोकेशन) क्षेत्र है, लेकिन यहां सिर्फ 29 प्रतिशत क्षेत्रों में ही बढ़ोतरी की है। इंदौर-3 में 80, सांवेर में 73, महू में 67, इंदौर-4 में 58, इंदौर-1 में 35, इंदौर-2 में 29 और देपालपुर में 22 फीसदी लोकेशन पर गाइडलाइन दर बढ़ी है।

100 फीसदी से ज्यादा उछाल वाली 115 लोकेशन: इस बार 115 लोकेशन पर गाइडलाइन दरों में 100 प्रतिशत से ज्यादा वृद्धि हुई है।

हर साल क्यों बढ़ती हैं दरें ?

सरकार बाजार कीमतों के हिसाब से हर साल रिवीजन करती है, ताकि स्टाम्प ड्यूटी का सही मूल्य मिल सके और अंडरवैल्यू रजिस्ट्री रोकी जा सके।

इस बार बढ़ोतरी ज्यादा क्यों ?

-कई इलाकों में लंबे समय से रेट नहीं बढ़े थे
-रियल एस्टेट में तेजी और डेवलपमेंट (नई सड़कें, प्रोजेक्ट)
-शहरी इलाकों में डिमांड बढ़ना

आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा ?

  • पहले के मुकाबले अब जमीन/मकान खरीदना महंगा होगा।
  • स्टाम्प और रजिस्ट्री शुल्क बढ़ जाएगा। अब ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे।
  • पुराने एग्रीमेंट वाले खरीदारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।

इन पर होगा ज्यादा असर

  • भोपाल और इंदौर जैसे शहरों में खरीदारों पर असर पड़ेगा।
  • लग्जरी और प्रीमियम अपार्टमेंट लेने वालों पर असर पड़ेगा।
  • पहले से बने मकान खरीदने वालों पर असर पड़ेगा।