Heart Disease: भारत का दिल कहे जाने वाले मध्यप्रदेश के लोगों का दिल तेजी से बीमार होता जा रहा है। साल 2023 के आकड़ों के अनुसार प्रदेश में रोजाना 132 लोगों को हार्ट अटैक की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
Heart Disease : समय के साथ हो रहे बदलाब ने लोगों के शरीर को बीमार कर दिया है। भारत का दिल कहे जाने वाले मध्यप्रदेश के लोगों का दिल तेजी से बीमार होता जा रहा है। साल 2023 के आकड़ों के अनुसार प्रदेश में रोजाना 132 लोगों को हार्ट अटैक की समस्या से जूझना पड़ रहा है। इससे भी ज्यादा हैरान करने वाली बात तो ये है कि बुजुर्गों को होने वाली समस्याएं अब युवाओं और बच्चों को भी अपनी चपेट में ले रही है।
पिछले साल के आकड़ों के अनुसार दिल संबंधित बिमारियों के मामले में मध्यप्रदेश का सागर सबसे पहले नंबर पर है। अगर इन समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में ये बीमारी लोगों के जी का जंजाल बन जाएगी।
जनवरी से दिसंबर महीने(2023 ) तक एम्बुलेंस के जरिए हॉस्पिटल पहुंचाए गए मरीजों के सामने आए आकड़ें सभी को हैरान करने वाले है। लगभग 45 हजार ह्रदय की बीमारी संबंधित मरीज मध्यप्रदेश में मिले। जिले की बात करें तो सागर में सबसे ज्यादा 4112 हार्ट पेशेंट मिले जबकि दूसरे नंबर पर रीवा में 2515 मरीज की संख्या सामने आई। वहीँ सबसे काम 146 मरीज अलीराजपुर से सामने आए।
साल 2011 की रिपोर्ट्स के अनुसार भारत में करीब 2 करोड़ हृदय रोगी थे। जिसमे से एक चौथाई मरीजों के आकड़ें केवल मध्यप्रदेश में थे। प्रदेश में सालाना हजारों लोगों की मौत दिल की बीमारी के चलते हो रही है।
ह्रदय रोगियों में जहां पहले बुजुर्गों की गिनती होती थी वही अब युवा भी इसके दायरे में आने लगे है। वर्ल्ड हार्ट फेडरेशन की रिपोर्ट के मुताबिक खान पान और पर्यावरण प्रदुषण के कारन काम उम्र के लोगों को ये बीमारी अपने चपेट में ले रही है। हार्ट से जुड़ी बिमारियों के मरीजों में 20 से 40 की उम्र के लोगों की संख्या काफी ज्यादा है। बीमारी से पीड़ित जन्मजात बच्चों की संख्या में भी इजाफा हुआ है।