
NH Projects : मध्यप्रदेश में विभिन्न कारणों से अनेक सड़क प्रोजेक्ट अधूरे पड़े हैं या इनका काम शुरु ही नहीं हो पा रहा है। भूमि अधिग्रहण और अन्य प्रशासनिक अड़चनों के कारण इन प्रोजेक्ट्स की गति प्रभावित हुई है। इन प्रोजेक्ट की राह सुलझाने के लिए गुजरात में उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई जिसमें प्रदेश के लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह भी शामिल हुए हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा एकता नगर मे आयोजित दो-दिवसीय चिंतन शिविर का केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शुभारंभ किया। शिविर में एमपी की करीब 5 दर्जन योजनाओं का रास्ता साफ होने की उम्मीद जताई जा रही है।
गुजरात का एकता नगर केवड़िया, मध्यप्रदेश के विकास की राह खोल सकता है। यहां रोड प्रोजेक्टों में आ रही बाधाएं दूर करने के लिए चिंतन शिविर रखा गया है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा आयोजित दो-दिवसीय शिविर में प्रदेश के लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह भी उपस्थित हैं।
शिविर का शुभारंभ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने किया। उन्होंने बताया कि इस शिविर का ध्येय है 'गति शक्ति से प्रगति'। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री एचडी मल्होत्रा भी मौजूद हैं।
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने सोशल मीडिया पर चिंतन शिविर की तस्वीरें साझा कीं। सोमवार को उन्होंने अपने एक्स हेंडल पर बताया कि आज केवड़िया (एकता नगर) गुजरात में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) द्वारा आयोजित दो दिवसीय महत्वपूर्ण 'चिंतन शिविर' में सहभागिता कर रहा हूं। यहां देश और राज्यों के बुनियादी ढांचे के तीव्र व गुणवत्तापूर्ण विकास, आधुनिक तकनीकों के उपयोग तथा आगामी कार्ययोजनाओं पर सार्थक मंथन होगा।
चिंतन शिविर में केंद्र सरकार और राज्य सरकार एक साथ बैठकर अपने अनुभव साझा करेगी। खास बात यह है कि यहां जटिल विषयों पर मिलकर समाधान निकाला जाएगा। शिविर में कुल छह सत्रों में चर्चा की जाएगी।
प्रधानमंत्री गति-शक्ति, भूमि अधिग्रहण और भूमि राशि, आदर्श रियायत अनुबंध और मूल्यांकन प्रणाली, हरित राजमार्ग (मियावाकी वन), सड़क सुरक्षा और टोल सुधार तथा गुणवत्ता और निगरानी विषयों पर बातचीत की जाएगी। हर सत्र में समस्या की पहचान करने के साथ ही उस पर ठोस कार्य योजना भी बनाई जाएगी। इससे देश-प्रदेश में राजमार्गों के निर्माण को नई गति मिल सकेगी।
शिविर में समस्याओं के समाधान से मध्यप्रदेश के कई प्रोजेक्ट चालू होने की उम्मीद जताई जा रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश के करीब 5 दर्जन राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) प्रोजेक्ट में विभिन्न अड़चनें आ रहीं हैं। इससे ये अधूरे पड़े हैं या देरी से चल रहे हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के अनुसार भूमि अधिग्रहण, वन, पर्यावरण स्वीकृतियों और अन्य बाधाओं की वजह से देश भर के साथ एमपी में भी कई नेशनल हाइवे प्रोजेक्ट अपनी तय समय-सीमा से पीछे चल रहे हैंं। इंदौर (ईस्टर्न बायपास) और बुंदेलखंड-विंध्य क्षेत्र के कई रूटों पर उपजाऊ कृषि भूमि के अधिग्रहण को लेकर किसानों की आपत्तियां और मुआवजे के मामले इसकी मुख्य वजह हैं।
गुजरात के चिंतन शिविर में ऐसी सभी समस्याओं का समाधान निकलने की उम्मीद है।