
भोपाल। राजधानी की जिला अदालत के कुटुंब न्यायालय में एक रोचक मामला सामने आया है। जिसमें पति द्वारा हनीमून के लिए विदेशी टूर से इंकार करना पत्नी को इतना नागवार गुजरा कि उसने तलाक के लिए अर्जी दे दी। परिवार परामर्श केंद्र द्वारा पति-पत्नी की काउंसलिंग की गई। पिपलानी निवासी कपल की शादी अगस्त 2023 में हुई थी। उन्होंने हनीमून पर गोवा जाने का फैसला किया था।
पत्नी का तर्क- पति उससे ज्यादा अपने परिवार का रखते हैं ख्याल
पत्नी ने काउंसलर को बताया कि गोवा जाने पर सहमति बनी थी। कुछ दिन बाद ही पति ने आनन-फानन में अयोध्या और वाराणसी के लिए हवाई टिकट बुक किए, क्योंकि उनकी मां भी राम मंदिर अभिषेक से पहले दर्शन करना चाहती थीं। तब पत्नी ने हंगामा नहीं किया, लेकिन टूर से लौटने के 10 दिन बाद उसने पति से तलाक लेने का मन बनाया और कोर्ट का दरवाजा खटखटा दिया। पत्नी ने कोर्ट में हवाला दिया कि यह मुझसे ज्यादा अपने परिवार के सदस्यों का ख्याल रखते हैं।
पति ने यह दिया था तर्क मां-बाप की करनी है सेवा
पति ने काउंसलरों को बताया कि उसे मां-बाप की सेवा करनी है इसलिए विदेश के हनीमून टूर को टाल दिया था। पत्नी से भी इंडियन प्लेस पर जाने की सहमति बन गई थी। इसलिए हम सब परिवार के साथ अयोध्या और वाराणसी के टूर पर गये थे। इस दौरान पत्नी भी खुश थी। वापस लौटने पर उसे अचानक क्या हुआ मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा।